चोटिल खिलाडिय़ों की परेशानी, विपक्षी टीम की छींटाकशी और दर्शकों की बदतमीजी से जूझते और संघर्ष करते हुए भारतीय टीम चौथे और निर्णायक टेस्ट मुकाबले के लिए ब्रिस्बेन पहुंच गई है।
ब्रिस्बेन. चोटिल खिलाडिय़ों की परेशानी, विपक्षी टीम की छींटाकशी और दर्शकों की बदतमीजी से जूझते और संघर्ष करते हुए भारतीय टीम चौथे और निर्णायक टेस्ट मुकाबले के लिए ब्रिस्बेन पहुंच गई है। लेकिन टीम इंडिया की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं, योंकि जिस गाबा मैदान पर उसे 15 जनवरी से ऑस्ट्रेलियाई टीम का सामना करना है, उस मैदान पर उसे कभी जीत नसीब नहीं हुई है। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैदान पर पिछले 32 साल से अजेय है।
चोटिल खिलाड़ी समस्या
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या खिलाडिय़ों का चोटिल होना है। जसप्रीत बुमराह का खेलना संदिग्ध है और उनके बिना भारतीय गेंदबाजी कमजोर पड़ जाएगी। वहीं, गाबा तेज और उछाल भरी विकेट ऑस्ट्रेलियाई पेसरों को बहुत भाती है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह टेस्ट बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
एशियाई टीमों का गाबा पर बुरा हाल रहा
18 विकेट पाक के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई पेसरों ने चटकाए थे १७ विकेट मेजबान तेज गेंदबाजों ने श्रीलंका के झटके थे ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर आखिरी दो टेस्ट पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ साल 2019 में खेले थे। इन दोनों मैच में दोनों एशियाई टीम को पारी से करारी हार का सामना करना पड़ा था।
2003 में जीत दर्ज करने से चूक गया था भारत
पू र्व कप्तान सौरव गांगुली की कमान में भारतीय टीम 2003 में गाबा में ऑस्ट्रेलियाई टीम का वर्चस्व तोडऩे से चूक गई थी। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी में 323 रन बनाने के बाद दूसरी पारी तीन विकेट पर 284 रन पर घोषित कर दी थी। भारत ने गांगुली (144) के शतक से पहली पारी में 409 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भारत को 16 ओवर में 199 रन का लक्ष्य मिला। भारतीय टीम ने दो विकेट पर 73 रन बनाए और मैच ड्रॉ रहा।