
पिंकसिटी में कैनवास पर उभरे कोरिया के रंग
राजस्थान ललित कला अकादमी में कोरिया और भारत के कलाकारों की ग्रुप एग्जिबिशन
जयपुर
गहरे और हल्के रंगों से कोरिया और भारत की वुमंस कलाकारों ने अपनी तूलिका के जरिए नए और पुराने कल्चर को कैनवास पर दर्शाया। मौका था, शनिवार को यहां झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान ललित कला अकादमी में वुमन एसोसिएशन कोरिया एवं राजस्थान ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई एग्जिबिशन 'पिंकमैनÓ का। एग्जिबिशन का उद्घाटन राजस्थान ललित कला अकादमी अध्यक्ष डॉ. अश्विन एम.दलवी ने किया। इस दौरान परम्परागत एवं समसामयिक कला पर कोरिया और भारत के अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों ने अपनी कल्पनाओं के रंग भरे। एग्जिबिशन में कोरिया की ३७ और भारत की १५ कलाकारों ने मिलकर पारंपरिक चित्रकारी को दर्शाया। वुमन एसोसिएशन कोरिया की ग्रुप लीडर ली सून ई ने बताया कि यह पहला मौका है जब एसोसिएशन की ओर से पिंकसिटी में कला का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें ज्यादातर कलाकारों ने अपनी संस्कृति में रचे-बसे विषयों को चित्रों में उकेरा है। ग्रुप लीडर ली सून ई का कहना था कि कल्चर एक्सचेंज के तहत हुए इस आयोजन के जरिए कोरिया के कलाकारों ने भारत के कल्चर को नजदीक से जाना।
एग्जिबिशन में कोरिया के कलाकारों ने शहर के कलाकार हरीश चंद्र सैन से पहले स्टोन कलर्स की जानकारी प्राप्त की। फिर इन कलर्स के माध्यम से अपनी कला को दर्शाया। एग्जिबिशन में भारत की ओर मीनू श्रीवास्तव, किरण मुरडिया, वीरबाला भावसर, डॉ.रेखा भटनागर, सुरजीत चोयल, शीतल चितलांगिया, डॉ.अर्चना जोशी, डिम्पल चंददत, कृष्णा महावर, इंदू सिंह, ज्योतिका राठौड़, मीनाक्षी भारती, मीना भाया, दीपिका हाजरा और अनुपमा जैन ने अपनी सोच में आधुनिक विषयों को कैनवास पर तरजीह दी। यह एग्जिबिशन २२ दिसंबर तक दर्शकों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।