जयपुर. पेंशन, स्कॉलरशिप और पालनहार जैसी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों की समस्याओं को अब सीधे अफसर सुनेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इसके लिए अंबेडकर भवन कार्यालय में ‘हेल्प डेस्क (समाधान कक्ष)’ शुरू किया है। इस डेस्क पर रोजाना अलग-अलग योजनाओं से संबंधित डिप्टी डायरेक्टर बैठेंगे। वे लाभार्थियों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान […]
जयपुर. पेंशन, स्कॉलरशिप और पालनहार जैसी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों की समस्याओं को अब सीधे अफसर सुनेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इसके लिए अंबेडकर भवन कार्यालय में ‘हेल्प डेस्क (समाधान कक्ष)’ शुरू किया है। इस डेस्क पर रोजाना अलग-अलग योजनाओं से संबंधित डिप्टी डायरेक्टर बैठेंगे। वे लाभार्थियों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करवाएंगे। इससे विभाग में आने वाले लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
बुधवार को विभाग के सभी अफसरों और कर्मचारियों को समाधान कक्ष की कार्यप्रणाली, समस्या दर्ज करने की प्रक्रिया, मॉनिटरिंग और त्वरित निस्तारण के बारे में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रायोगिक तौर पर डेस्क को शुरू भी कर दिया गया है, जल्द ही इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।
जानकारों के अनुसार, जब आशीष मोदी माध्यमिक शिक्षा विभाग में निदेशक थे, तब वहां यह हेल्प डेस्क शुरू की गई थी। इसके सकारात्मक परिणाम मिले थे। अब उसी तर्ज पर इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में भी लागू किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर के संयुक्त निदेशक (आइटी) गौरव शर्मा ने इस प्रणाली के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
इधर-उधर नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
हेल्प डेस्क के जरिये विभाग की योजनाओं से संबंधित समस्याओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, निगरानी व शीघ्र निस्तारण संभव होगा। इससे लाभार्थियों को कार्यालय में इधर-उधर चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, उनकी समस्या सीधे अफसर सुनेंगे।
- आशीष मोदी, निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग