जयपुर. मानसरोवर क्षेत्र में मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक अतिक्रमण राहगीरों और वाहनों के लिए बड़ी बाधा बन गया है। 40 से 60 फीट चौड़ी सड़कों पर भी वाहनों के आवागमन के लिए मुश्किल से 20 से 30 फीट जगह बची है। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ कहीं दिखाई नहीं देते। 30 फीट […]
जयपुर. मानसरोवर क्षेत्र में मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक अतिक्रमण राहगीरों और वाहनों के लिए बड़ी बाधा बन गया है। 40 से 60 फीट चौड़ी सड़कों पर भी वाहनों के आवागमन के लिए मुश्किल से 20 से 30 फीट जगह बची है। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ कहीं दिखाई नहीं देते। 30 फीट चौड़ी गलियों में भी अतिक्रमण का बुरा हाल है। पत्रिका रिपोर्टर ने गुरुवार को इन सड़कों का जायजा लिया तो हर जगह रैम्प, चबूतरे और गार्डन बने मिले। कई घरों के बाहर रैलिंग लगाकर गार्डन विकसित किए गए हैं, वहीं रैम्प पर गाड़ियां खड़ी मिलीं।
60 फीट चौड़े पटेल मार्ग पर दोनों ओर 10–15 फीट तक अतिक्रमण किया गया है। प्रतिष्ठानों के बाहर चबूतरे बनाकर दुकानें सजाई जा रही हैं। कुछ व्यापारियों ने विज्ञापन के लिए स्टैंडी और तिरपाल लगाकर सब्जी की दुकानें खोल रखी हैं। इसी तरह 40 फीट चौड़े नीलगिरी मार्ग पर भी वाहनों के लिए मुश्किल से 20–30 फीट जगह बची है।
गोखले मार्ग, जहां नगर निगम मानसरोवर जोन कार्यालय स्थित है, वहां भी अतिक्रमण की स्थिति बेहद खराब है। मध्यम मार्ग के पास 40 फीट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण के चलते 10–15 फीट जगह ही बचती है। शाम के समय यहां जाम और आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है।
नगर निगम की कार्रवाई केवल मुख्य सड़कों तक सीमित रहती है। अंदरूनी गलियों तक दस्ता पहुंचता ही नहीं। इससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं और सड़क सीमा पर कब्जा लगातार बढ़ रहा है।
-शाम के समय रोजाना जाम लगता है।
-गलियों में खड़ी गाड़ियों के कारण सीवर जेटिंग मशीन और अग्निशमन वाहन तक नहीं जा पाते।
-मध्यम मार्ग की चौड़ाई पहले ही कम थी, अब डिवाइडर चौड़ा कर समस्या और बढ़ा दी गई है।
ट्रैफिक जाम रहता
अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम रहता है। गलियों में खड़ी गाड़ियों से सीवर मशीन और फायर ब्रिगेड तक नहीं जा पाते।
- हरिओम स्वर्णकार, निवर्तमान पार्षद
सड़कों पर अतिक्रमण होने से रोजाना जाम लगता है। न नगर निगम कार्रवाई करता है, न जेडीए ध्यान देता है। मध्यम मार्ग पर डिवाइडर चौड़ा कर समस्या और बढ़ा दी गई है।
- चन्द्रवीर सिंह, स्थानीय निवासी