
निम्बाहेड़ा। वेतन नहीं मिलने (not getting salary) व अकारण प्राचार्य द्वारा प्रताडि़त करने (harassment by the principal), वेतन काटने (pay cut) व सीएल व पीएल (CL and PL) की छुट्टियां उच्च अधिकारियों को स्वीकृत करने के बाद प्राचार्य द्वारा छुट्टियां निरस्त (holidays canceled) करने की कार्रवाई से परेशान हो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गादोला के तीन अध्यापक (teacher) गुरुवार को विद्यालय के पास ही स्थित पेयजल की ओवरहेड टंकी पर चढ़कर विरोध (resistance on tank) करने लगे। अध्यापकों के टंकी पर चढऩे की खबर जैसे ही गांव में फैली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण व विद्यार्थी मौके पर जमा हो गए।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे शिक्षक विकास पुत्र घासीराम मीणा, धनराज पुत्र पप्पालाल सोलंकी व राकेश पुत्र रघुवीरसिंह भाटी विद्यालय के निकट ही पानी की टंकी पर चढ़ कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर कोतवाली सीआई हरेंद्र सिंह सौदा मय जाप्ता के मौके पर पहुंचे व तीनों अध्यापकों को समझा बुझाकर टंकी से उतारा व उनसे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने टंकी पर चढऩे वाले तीनों अध्यापक विकास पुत्र घासीराम मीणा, धनराज पुत्र पप्पालाल सोलंकी व राकेश पुत्र रघुवीरसिंह भाटी को थाने पर लेकर आए व एसडीएम के समक्ष पेश कर पाबंद कराया। अध्यापक धनराज सोलंकी ने बताया कि प्राचार्य विद्यालय के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को अकारण प्रताडि़त करती रहती हैं व समय पर वेतन प्रक्रिया पूरी करने पर कोताही बरती जा रही है। इससे मानसिक परेशानियों को सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं सीएल व पीएल का अवकाश लेने के अधिकार के तहत उच्च अधिकारियों द्वारा छुट्टियां स्वीकृत करने के आदेश को भी प्राचार्य द्वारा नहीं मानते हुए स्वयं के स्तर पर सीएल व पीएल की छट्टियों को निरस्त कर दिया जाता है। सोलंकी के अनुसार विकास मीणा का गत 11 माह व स्वयं का 1 माह का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है, जबकि उनके द्वारा इस संबंध में उच्च अधिकरियों का भी ध्यानाकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन प्राचार्य वेतन नहीं बना रही है और ना ही विभाग के उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि एकशिक्षक के परिवार में किसी की मौत होने के बाद भी उसे अवकाश नहीं दियागया है, जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। गौरतलब है कि विद्यालय प्राचार्य शर्मा व शिक्षकों के बीच पिछले वर्षों में भी विवाद होते रहे। विवादों के चलते शिक्षकों ने लामबंद होकर प्रार्थना सभा व कक्षाओं को बहिष्कार भी किया था व प्राचार्य व शिक्षकों के झगड़ों से तंग आकर ग्रामीणों ने विद्यालय के बच्चों की छुट्टी कर गेट पर ताला भी लगा दिया था।
इनका कहना है
मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी के आदेश पर ही शिक्षकों को वेतन आहरित नहीं किया गया। इन शिक्षकों द्वारा आदेश दिए जाने के बावजूद भी बिना स्वीकृति के मुख्यालय छोड़ कर अनुपस्थित रहने से सीबीईओ द्वारा दिए गए आदेश के तहत ही वेतन रोका गया है। सीबीईओ का आदेश मिलते ही रोके गए भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
वीणा शर्मा प्राचार्य राउमावि गादोला (निम्बाहेड़ा)
शिक्षकों के रूके हुए वेतन आहरित करने के लिए विद्यालय की प्राचार्य को चार दिन पहले 20 जून को मेल पर आदेश दे दिए गए थे, फिर भी प्राचार्य द्वारा वेतन भुगतान कार्रवाई नहीं की गई। वैसे भी राज्य सरकार के आदेश है कि आसन्न कोरोना को देखते हुए वेतन नहीं काटा जाए, परंतु प्राचार्य द्वारा वेतन काटा गया। इस मामले से उच्च अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है, उनके द्वारा इस संबंध में जो भी संज्ञान लिया जाएगा, आगे कार्रवाई की जाएगी।
रविंद्र उपाध्याय, सीबीईओ, निम्बाहेड़ा