जयपुर

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में पहुंचते ही दहाड़ी बाघ टी-110

रणथम्भौर अभयारण्य के देवपुरा नाके पर बाघ टी-110 ट्रेंकुलाइज कर सड़क मार्ग से लाया गया और शाम चार बजे मुकुंदरा रिजर्व के सेल्जर क्षेत्र के एनक्लोजर में छोड़ा गया।
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Nov 04, 2022
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में दहाड़ी बाघ टी-110
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में दहाड़ी बाघ टी-110

जयपुर। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व (Mukundra Hills Tiger Reserve) को दो साल के इंतजार के बाद आखिर गुरुवार को बाघ टी-110 (Tiger T-110) मिल ही गया। इसे रणथम्भौर अभयारण्य के देवपुरा नाके पर ट्रेंकुलाइज कर सड़क मार्ग से लाया गया और शाम चार बजे मुकुंदरा रिजर्व के सेल्जर क्षेत्र के एनक्लोजर में छोड़ा गया। यहां के वातावरण में ढलने के बाद इसे खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। मुकुंदरा में अभी तक एकमात्र बाघिन एमटी 4 थी। अब यहां बाघ-बाघिनों की संख्या दो हो गई है, जबकि सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर अभयारण्य में इनकी संख्या 76 रह गई है।

15 दिन से छका रहा था

वन विभाग की ओर से बाघ टी-113 (Tiger T-113) व बाघ टी-110 (Tiger T-110) को शिफ्ट किया जाना था। 16 अक्टूबर को बाघ टी-113 को सरिस्का शिफ्ट किया गया। कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफि्टंग के लिए बाघ टी-110 की ट्रैकिंग कराई जा रही है, लेकिन 15 दिनों से बाघ टीम को छका रहा था।

यूं चला घटनाक्रम
8.30 बजे वन विभाग की टीम जंगल पहुंची
2.30 घंटे तक टीम ट्रैकिंग में जुटी रही
11.20 बजे बाघ को ट्रेंकुलाइज किया
11.32 बजे रेडियो कॉलर लगाया
11.45 बजे स्वास्थ्य परिक्षण किया
12.20 बजे सड़क मार्ग से किया रवाना
3.59 बजे सेल्जर के एनक्लोजर में छोड़ा

Published on:
04 Nov 2022 12:19 am