
PM Modi with Dr Satish Poonia - File PIC
Satish Poonia News : जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय संगठन में राजस्थान के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया का राजनीतिक कद लगातार मजबूत हो रहा है। केंद्रीय नेतृत्व ने मात्र 24 घंटे के भीतर डॉ. पूनिया को संगठन में दो अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक जिम्मेदारियां सौंपकर एक बड़ा सियासी संदेश दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई कार्यकारिणी में राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के ठीक अगले ही दिन मंगलवार को पार्टी ने उन्हें पंजाब राज्य का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त कर दिया है।
डॉ. सतीश पूनिया की इस पदोन्नति के पीछे हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में उनकी रणनीतिक सफलता को मुख्य कारण माना जा रहा है। हरियाणा में जब पार्टी कड़े सत्ताविरोधी माहौल (एंटी-इनकंबेंसी) का सामना कर रही थी, तब पूनिया के चुनाव प्रभारी रहते भाजपा ने ऐतिहासिक वापसी करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी। उनके इस 'मैनेजमेंट स्किल' और जमीनी पकड़ को देखते हुए ही आलाकमान ने अब पंजाब जैसी सियासी रूप से चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती राज्य की कमान उनके हाथों में सौंपी है।
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, भाजपा पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने और अपने जनाधार का विस्तार करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। किसान मुद्दे, सीमावर्ती राज्य की राजनीति और क्षेत्रीय दलों के प्रभाव के बीच पूनिया की नई भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी संगठनात्मक पृष्ठभूमि और चुनावी प्रबंधन का अनुभव पंजाब में भाजपा की रणनीति को धार देने में उपयोगी हो सकता है।
पंजाब की राजनीति में किसानों और जाट-सिख समुदाय का गहरा प्रभाव है। खुद किसान पृष्ठभूमि और जाट समुदाय से आने वाले सतीश पूनिया की जमीनी पकड़, सौम्य कार्यशैली और किसान नेताओं के साथ संवाद स्थापित करने की क्षमता पार्टी के लिए पंजाब में नए रास्ते खोल सकती है।
डॉ. पूनिया को लगातार दो दिन में राष्ट्रीय महामंत्री और पंजाब प्रभारी जैसे दो बड़े दायित्व मिलने से राजस्थान भाजपा के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। पार्टी आलाकमान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी प्रबंधन और संगठनात्मक कार्यों में परिणाम देने वाले नेताओं को केंद्रीय टीम में शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी। पूनिया का यह बढ़ता कद आने वाले समय में उत्तर भारत की राजनीति में राजस्थान के नेताओं की भूमिका को और मजबूत करेगा।
Updated on:
18 Aug 2026 12:23 pm
Published on:
18 Aug 2026 12:19 pm
