जयपुर

Rajasthan Monsoon: आज 20 शहरों में IMD का येलो अलर्ट, फिर एक्टिव हुआ मानसून; 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना

राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। IMD ने 25 अगस्त को 20 शहरों में येलो अलर्ट जारी किया है और 26 अगस्त तक पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
2 min read
Aug 25, 2026
Kota Rain
कोटा में हुई बारिश का फोटो: पत्रिका

Rajasthan Weather Update: मानसून सीजन के आखिरी दौर में देश के बड़े हिस्से में बारिश ने फिर जोर पकड़ा है। सावन महीने के अन्तिम सोमवार को सक्रिय हुए नए सिस्टम ने सितंबर महीने में भी अच्छी बारिश की उम्मीद जगा दी है। राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी जिलों भरतपुर, धौलपुर, करौली, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा, जयपुर और कोटा में सोमवार को जमकर बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश डीग के सीकरी में पिछले 24 घंटे में 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 25 अगस्त यानी मंगलवार को 20 शहरों में येलो अलर्ट जारी किया है।

कहां कितनी बारिश (इंच)

सीकरी (डीग)4.01
हरसौली (खैरथल-तिजारा)3.42
कोटकासिम (खैरथल-तिजारा)3.14
मालाखेड़ा (अलवर)3.11
गोविंदगढ़ (अलवर)3.03
जुरहरा (डीग) 2.63
सुरोठ (करौली)2.48
नदबई (भरतपुर)1.57
जयपुर 1.45


राजस्थान में 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना

राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूर्वी हिस्से में सक्रिय होने लगा है। पूर्वी भारत के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के असर से 26 अगस्त तक कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून

मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले एक सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान जताया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। यानी प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना रहेगा।

कम दबाव और ट्रफ से बढ़ी बारिश की उम्मीद

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में उत्तरी ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के आसपास सक्रिय है। मानसून ट्रफ अमृतसर, निजामाबाद और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसी सिस्टम के असर से अगले दो-तीन दिन पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

सिलीसेढ़ का जलस्तर बढ़ा, 12 बांधों में आया पानी

अलवर में सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर शाम तक जारी रहा। सुबह 8 से शाम 4 बजे तक सर्वाधिक 80 मिमी बारिश किशनगढ़बास में दर्ज की गई। मालाखेड़ा में 79 और गोविंदगढ़ में 77 मिमी पानी बरसा। मौसम विभाग ने 28 अगस्त तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, सोमवार को अलवर शहर में 32, बहादुरपुर में 41, राजगढ़ में 45, रामगढ़ में 14, लक्ष्मणगढ़ में 20, कठूमर में 30, रैणी में 12, टहला में 10, थानागाजी में 2, कोटकासिम में 64, तिजारा में 21, बानसूर में 5, सिलीसेढ़ में 15, जयसमंद में 9, सोड़ावास में 5 मिमी बारिश हुई। इनके अलावा नौगांवा, प्रतापगढ़, मुंडावर और टपूकड़ा में भी बारिश हुई। बारिश से सिलीसेढ़ के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। जिले के 12 बांधों में पानी की आवक हुई है। हालांकि पूरे मानसून सीजन में अब तक रूपारेल नदी में सिर्फ एक बार करीब 3 इंच पानी चला है। सोमवार को हुई बारिश बाजरा, मक्का, ग्वार और ज्वार की फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। कपास की फसल के लिए लगातार बारिश नुकसानदायक हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों में पानी भरने से कपास में रोग पनपने की आशंका रहती है।

Updated on:
25 Aug 2026 08:16 am
Published on:
25 Aug 2026 08:16 am