जयपुर

Jaipur News: राजधानी की जहरीली हवा: वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव के बीच धूम्रपान करना और भी खतरनाक

smoking dangers: प्रदूषित हवा में बीड़ी या सिगरेट के धुएं के साथ जहरीले तत्व भी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे फेफड़े के कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए यह निहायत ही जरूरी हो गया है कि धूम्रपान छोड़ दिया जाए।

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Nov 22, 2024


जयपुर. राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसके साथ ही अस्पतालों में बीमारियों का तांता भी लग गया है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में अब अस्थमा, एलर्जी, खांसी, डायबिटीज, आंखों में जलन और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

वहीं, कैंसर विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण से होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के खतरे की आशंका भी जताई है। प्रदूषित हवा के कारण फेफड़े, त्वचा, गर्दन, मुंह और सिर के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि ये अंग सीधे तौर पर इस जहरीली हवा के संपर्क में आते हैं।

प्रदूषण से बढ़ेगा टाइप 2 डायबिटीज का खतरा

हाल ही किए गए विभिन्न शोध के मुताबिक, वायु प्रदूषण टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को भी बढ़ा सकता है। चेन्नई और दिल्ली में हुई एक रिसर्च में यह पाया गया कि लगातार प्रदूषित हवा में रहने से शरीर में शुगर के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इस रिसर्च में 10,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था, जिनमें से कई लोग लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में थे। शोध में महिला-पुरुष दोनों शामिल थे।

…फिर एलर्जी से नहीं छूटता पीछा

बढ़ते प्रदूषण के कारण लोग एलर्जी का शिकार हो रहे हैं और यह समस्या अब उन लोगों में भी देखने को मिल रही है, जिनकी एलर्जी की कोई पिछली हिस्ट्री नहीं थी। एक बार एलर्जी होने के बाद यह समस्या जीवनभर बनी रहती है। इसके अलावा, प्रदूषण से साइनस का कैंसर भी होने का खतरा बढ़ गया है, जो हाल ही कुछ मामलों में देखा गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाना बेहद जरूरी हो गया है।
-डॉ. पवन सिंघल, विभागाध्यक्ष, ईएनटी विभाग, एसएमएस अस्पताल

धूम्रपान और प्रदूषण: एक और खतरनाक मिश्रण

वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव के बीच, धूम्रपान करना और भी खतरनाक साबित हो रहा है। प्रदूषित हवा में बीड़ी या सिगरेट के धुएं के साथ जहरीले तत्व भी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे फेफड़े के कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए यह निहायत ही जरूरी हो गया है कि धूम्रपान छोड़ दिया जाए। प्रदूषण से त्वचा के कैंसर का भी खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि ऐसी हवा में सूक्ष्म कण होते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं।

-डॉ संदीप जसूजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट

Published on:
22 Nov 2024 03:08 pm
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