
जयपुर। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने लैंड फॉर लैंड मामले में खुद को पीछे कर लिया है। अब जेडीसी को ही गुणावगुण के आधार पर इस तरह के मसलों पर फैसला करना होगा। हालांकि धारीवाल के अचानक पीछे हटने से चर्चाओं का बाजार गर्म है।
दरअसल 1 जून 22 को धारीवाल की स्वीकृति से ही UDH ने जेडीए के मामले मंजूरी के लिए जेडीए अध्यक्ष को भेजने के आदेश दिए थे। जेडीए अध्यक्ष्ज्ञ खुद यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ही हैं। ऐसे में अचानक उनके पीछे हटने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार के आखिरी 6 महीने के प्रकरणों की जांच की जो परंपरा रही है, उसे देखते धारीवाल ने यह निर्णय किया गया है। एकल पट्टा प्रकरण को भी इसके पीछे वजह माना जा रहा है।
अब जेडीसी को करना होगा काम
धारीवाल ने JDC को निर्देश दिए कि अवाप्ति के मुआवजे, समझौते के तहत सेक्टर रोड, रिंग रोड सहित विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि के बदले विकसित भूमि देने है जो मामले है। उन मामलों की पत्रावलियां स्वीकृति के लिए उनके पास नहीं भेजी जाए। JDC अपने स्तर पर प्रकरणों का पूर्ण परीक्षण कर गुणावगुण, नियमों/विभागीय परिपत्रों के परिपेक्ष्य में निस्तारण करें।