जयपुर

अनजाने हैरिटेज को सामने लाएगी डिजिटल मैपिंग

राजस्थान के दूरदराज इलाकों में स्थित कम जाने गए हैरिटेज स्थलों को अब वैश्विक पहचान दिलाने की शुरुआत हो चुकी है। 'डिजिटल मैपिंग ऑफ मॉन्यूमेंट्स ऑफ राजस्थान' कार्यक्रम के दौरान गुरुवार को जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के फेसबुक पेज पर 'मैप अवर राजस्थान प्रतियोगिताÓ का आगाज हुआ। प्रतियोगिता के लिए साइन अप करने की अंतिम तिथि 14 नवंबर 2020 है। यह प्रतियोगिता 15 नवंबर 2020 से 15 जनवरी 2021 तक आयोजित की जाएगी।

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cultural minister B D Kalla

यह प्रतियोगिता कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार, जेकेके और डिजाइन कॉहार्ट की ओर से इंडिया लॉस्ट एंड फाउंड (आईएलएफ) के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य क्राउड-क्रिएटिव कैम्पेन के माध्यम से राजस्थान के हेरिटैज मेप का निर्माण करना है। यह राजस्थान के प्रसिद्ध और कम ज्ञात विरासत स्थलों को रीडिस्कवर एवं शेयर करने और एंगेज रखने में मदद करेगा।
कला एवं संस्कृति मंत्री ने दिया जोर
कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि स्मारक केवल किलों और महलों तक सीमित नहीं है, आम लोगों ने भी अनेक स्मारक बनाए हैं। आज भी इन्हें बावडिय़ों, मंदिरों, कुओं, मठों आदि के रूप में देखा जा सकता है। राजस्थान के दूरदराज स्थानों में, ऐसे कई स्मारक हैं, जिनके बारे में आम लोगों और सरकार को कम जानकारी है। इन स्मारकों के विकास और संरक्षण के लिए डिजिटल मैपिंग की पहल अच्छी होगी, इससे पर्यटन क्षमता में वृद्धि होगी और क्षेत्र का आर्थिक रूप से विकास होगा।
इस प्रकार होगी प्रतियोगिता
कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार की शासन सचिव और जेकेके महानिदेशक, मुग्धा सिन्हा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कोरोना वायरस के इस कठिन समय में लोगों को एकजुट करना और कला एवं पुरातत्व में टेक्नोलॉजी का प्रभावी ढंग से उपयोग करना है। यह हमारे स्मारकों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण में मदद करेगा, विशेष रूप से ऐसे स्मारक जो अल्पज्ञात हैं। कोई भी विभिन्न स्मारकों पर जाकर और किसी भी डिजिटल डिवाइस से फोटो ले सकता है। प्रतियोगिता में अनुभवहीन, गृहणियां, छात्रा अथवा प्रोफेशनल्स भाग ले सकते हैं।

Published on:
06 Nov 2020 01:40 am
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