- 72 से96 घंटे में आधा घंटा पानी, जलदाय विभाग की लापरवाही से जनता में उबाल
फुलेरा. सांभर की गलियों में पानी की त्रासदी ने हद पार कर दी है। भीषण गर्मी में प्यासे रहने को मजबूर चारभुजा गली, जोशियों की गली और लक्ष्मीनारायण मंदिर की गली के सैकड़ों परिवार अब सामूहिक पलायन का मन बना चुके हैं। जलदाय विभाग की लचर व्यवस्था ने लोगों का सब्र तोड़ दिया है। 72 से 96 घंटे में सिर्फ 25-30 मिनट की पानी सप्लाई, वो भी इतने कम प्रेशर में कि घरों तक बूंद-बूंद भी नहीं पहुंचती।
नाराज़ निवासियों ने चारभुजा मंदिर और दादूद्वारा में बैठक कर बड़ा फैसला लिया—अपने मकान बेचकर सांभर छोडऩे का! गलियों में मकानों पर "बिकाऊ" के पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि बार-बार शिकायत के बावजूद जलदाय विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगती। पहले भी धरने-प्रदर्शन हुए, लेकिन पानी की समस्या जस की तस।
लोगों का कहना है कि पानी की इस विकराल समस्या ने जीना मुहाल कर दिया है। विभाग की बेरुखी और आधे-अधूरे समाधानों से तंग आकर अब पलायन ही आखिरी रास्ता दिख रहा है। क्या सरकार और जलदाय विभाग अब भी चुप्पी साधे रहेगा, या सांभर की प्यास बुझाने का कोई ठोस कदम उठेगा? पोस्टर, धरने और पलायन की चेतावनी से क्या अब जागेगी सरकार?