
जयपुर
कभी शांत मानी जाने वाले राजस्थान की राजधानी इन दिनों अपराधियों का आसान टारगेट नजर आ रही है। पड़ोसी राज्यों के बदमाश भी यहां आसानी से ठिकाना बना लेते है वहीं नकली नोट और हथियार खपाने के लिए भी बदमाशों की निगाह में सबसे आसान जगह नजर आ रही है। यही कारण है कि बीते दिनों में मामूली घटनाओं में हथियार निकालने और फायरिंग के मामले बढ़े है।
जयपुर में ही हथियारों का एक तस्कर को पुलिस ने दबोच लिया है खास बात यह है कि तस्कर बीते कई सालों में यहां कई हलके और भारी हथियार लाकर लोगों को थमा चुका है। अब पुलिस के हत्थे बदमाश चढ़ा है तो माना जा रहा है कि कई ऐसे लोगों से नकाब उठेगा जो इस धंधे में इस तस्कर का साथ दे रहे है।
कमिश्नरेट के करणी विहार थाने के एक कांस्टेबल कैलाशचंद गुर्जर को इनपुट मिल रहे थे कि एक शख्स है जो उत्तरप्रदेश से हथियार लाकर यहां लोगों बेचता है। बीते दिनों कई दफा उसे देखा गया है। इस पर कांस्टेबल ने कई लोगों से तस्दीक की और तस्कर के आने के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई।
जैसे ही कांस्टेबल कैलाश को सूचना मिली कि एक बार फिर हथियार तस्कर जयपुर आने वाला है तो उसने पूरी जानकारी अफसरों को दे दी। अफसरों ने उस पर भरोसा जताते हुए उसकी अगुवाई में एक टीम बनाकर तस्कर को पकड़ने की योजना बना डाली। सुबह ट्रक जब तस्कर बजरी मंडी स्टेंड पर उतरा तो थाने की बनाई स्पेशल टीम ने उसे घेर लिया।
टीम ने उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से आए इस बदमाश के पास मौजूद बैग की जांच की तो उसमें पांच पिस्तौल छह जिंदा कारतूस और एक खाली कारतूस भी मिला। हालांकि बदमाश इस बात का खुलासा नहीं कर रहा है कि वह इन हथियारों को किसे सौंपने आया है। अब पुलिस तस्कर से पूछताछ में अब तक दिए गए हथियारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार कर आरोपी के नाम पता की जानकारी जुटाई तो सामने आया कि पुनीत उर्फ अनिल जाट है जिसका ससुराल जयपुर में ही है। इस कारण उसके यहां पर कई लोगों से संबंध है। इस संबंध का फायदा हथियार की डिमांड और सप्लाई में उठाता है।