
Rajasthan politics news: पांच जनवरी को राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज ही रही। भाजपा कार्यालय पूरी तरह से सजाया गया। यहां पहली बार भाजपा के प्रधानमंत्री पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जयपुर आने पर सीधे ही भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सीएम, मंत्रियों , विधायकों व भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात की। बात-बात में कई सीख भी दी। हालांकि वसुन्धरा राजे इस अवसर पर अनुपस्थित नजर आई।
इधर बहुप्रतीक्षित मंत्रिपरिषद का गठन आखिर हो ही गया। प्रधानमंत्री मोदी के जयपुर की धरा पर कदम रखने से पहले ही मंत्रियों को विभाग बांट दिए गए। दिन भर मंत्रियों के विभागों के बंटवारे की चर्चा होती रही। किसे क्या मिला, क्यों मिला, आगे क्या रहेगी रणनीति? इन्हीं विषयों के इर्द-गिर्द चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
पिछली सरकार की योजनाओं का नाम बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिसकी संभावना थी, आखिर वही हुआ। इंदिरा गांधी रसोई का नाम बदलकर अब अन्नपूर्णा रसोई कर दिया गया है।
मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के साथ ही अधिकारियों के तबादलों की लिस्ट भी देर रात जारी कर दी गई। देर रात 72 आईएएस, 121 आरएएस के तबादले किए गए। कई जिलों में कलक्टर बदल दिए गए।
इधर तीन दिवसीय डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस से राजधानी में सजी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह अगले दो दिन जयपुर में रहेंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की हुई है।
प्रत्याशी की मौत के बाद करणपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव सम्पन्न हो गए। अब यहां आठ जनवरी को मतगणना होगी। यहां कांग्रेस प्रत्याशी सहानुभूति के सहारे जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं तो वहीं भाजपा प्रत्याशी को चुनाव से पूर्व ही मंत्री बनाए जाने से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया गया है। देखना यही होगा कि अब सहानुभूति जीतती है या फिर मंत्री पद का प्रलोभन जनता को किस तरह से लुभाता है।
रिपोर्ट-राजेश दीक्षित