Electricity Management : गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से परेशान होने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है ।सरकार ने अभी से बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए कमर कस ली है।अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जयपुर। गर्मी के मौसम में अक्सर बिजली कटौती की समस्या से उपभोक्ता परेशान रहते हैं, लेकिन इस बार सरकार पहले से ही सतर्क हो गई है। क्या इस बार बिना किसी रुकावट के निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी? क्या बिजली संकट से पूरी तरह राहत मिल पाएगी? इन सवालों का जवाब ऊर्जा विभाग की नई रणनीति में छिपा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक ने साफ कर दिया है कि गर्मी के सीजन में बिजली की मांग और आपूर्ति का सही प्रबंधन करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।
गर्मी में बिजली की मांग चरम पर होती है, खासकर पीक ऑवर्स में कटौती की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। लेकिन इस बार सरकार ने डिमांड साइड मैनेजमेंट को अपनाने का फैसला किया है, जिससे पीक टाइम में भी सुचारु रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा सके। विद्युत भवन से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डिस्कॉम्स और ट्रांसमिशन कंपनियों के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति की बारीकी से निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर त्वरित समाधान निकाला जाए।
बिजली बिल में गड़बड़ी और राजस्व संग्रहण में कमी के पीछे सबसे बड़ी समस्या डिफेक्टिव मीटर मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खराब मीटरों को प्राथमिकता से बदलने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग से बचाने और बिजली की सही खपत को ट्रैक करने के लिए डिस्कॉम्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सर्किलवार इस कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना और पीएम सूर्यघर योजना के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी लाई जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फीडर लेवल सोलराइजेशन को प्राथमिकता दी जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन हो सके और ट्रांसमिशन लॉस को कम किया जा सके।
बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए सरकार ने ग्रिड सब-स्टेशनों के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के आदेश दिए हैं। अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और विद्युत प्रसारण तंत्र में सुधार किया जाएगा।
डिफेक्टिव मीटरों को जल्द बदलने, ग्रिड सब-स्टेशनों को समय पर स्थापित करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की जा रही है।