पागलखाने के कर्मचारी के साथ बदमाशों ने कर डाली कुछ एेसी हरकत..
जयपुर। शहर के मनाेचिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारी काे बदमाशाें ने कुछ इस तरह झांसे में लिया कि वह पागल बनकर रह गया। साइबर ठगाें ने कर्मचारी के खाते से राशि निकाल ली। ठगी का पता चलने पर पीडित ने ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस से सम्पर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगाें की तलाश शुरू कर दी है। जयपुर शहर में साइबर ठगी का दाैर लगातार जारी है। बैंक आैर पुलिस इन ठगाें पर नकेल कसने में पूरी तरह से नाकाम साबित हाे रही है। हालाकि साइबर ठगी काे राेकने के लिए पुलिस लगातार संसधान बढा र ही है। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस साइबर ठगी पर लगाम के लिए पुलिस के जवानाें काे भी साबइर की ट्रेनिंग दिलवा रही है। शहर में अलग से एक साइबर थाना भी है। पुलिस अब धीरे-धीरे आधुनिकता के साथ आॅनलाइन हाेती जा रही है। लेकिन अब देखना यह है कि पुलिस साइबर ठगी की इन वारदाताें काे कब राेक पाती है। पिछले तीन माह की बात की जाएं ताे साइबर ठगी के पचास से साै से अधिक मामले सामने आ चुके है। इसमें बजाज नगर , मानसराेवर सहित
न्य थानाें में दिल्ली के गिराेह द्वारा एटीम का क्लाेन तैयार कर ठगी करना भी शामिल है।
। पुलिस के अनुसार बैनाड़ रोड निवासी सज्जन कुमार के खाते से किसी ने ऑनलाइन ४२२०० रुपए निकाल लिए। ठगी का पता पीडि़त को मोबाइल पर मैसेज आने पर लगा। इस पर पीडि़त ने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीडि़त सेठी कॉलोनी स्थित मनोचिकित्सालय में कार्यरत है। ठगी का पता लगने पर पीडित काे जाेरदार झटका लगा। जब उसने थाने पर बताया कि वह मनाेचिकित्सालय से आया ताे पुलिस भी एक बार ताे ठिठक सी गर्इ, लेकिन जब पुलिस काे उसके साथ साइबर ठगी का पता चला ताे पुलिस तब जाकर पुलिस ने उसकी बाताें काे गंभीरता से लिया।