
ECLG Scheme : ग्राफिक्स फोटो पत्रिका
ECLG Scheme : पश्चिमी एशिया में तनाव से प्रभावित एमएसएमई को राहत देने के लिए मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) कारगर साबित हो रही है। इसके तहत देशभर में 35 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन मंजूर किए हैं। 5 मई से शुरू इस योजना इसका मकसद उन औद्योगिक सेक्टर्स की वित्तीय मदद करना है, जिन पर ईरान-अमरीका युद्ध का ज्यादा असर पड़ा है। योजना के तहत प्रभावित क्षेत्रों को 2.55 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त लोन सुविधा उपलब्ध कराना है।
29 मई तक बैंकों ने करीब 80,000 आवेदनों को मंजूरी दी है, जिनके तहत 35,194 करोड़ रुपए के लोन मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा 15,720 करोड़ रुपए की गारंटी भी जारी की जा चुकी है। अच्छी बात है कि बैंकों ने भी इस योजना के लिए ऋण स्वीकृतियों में तीव्र क्रियान्वयन प्रक्रिया अपनाई है। इसमें मौजूदा वर्किंग कैपिटल लिमिट के ऊपर 20 फीसदी तक अतिरिक्त लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और आवेदन से लेकर मंजूरी तक का काम 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा किया जा रहा है।
राजस्थान के उद्योग संगठनों का कहना है कि इस योजना के तहत करीब 1500 करोड़ की ऋण स्वीकृति प्रदेश की एमएसएमई को दी गई है।
एम्पलॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष एनके जैन का कहना है कि राजस्थान में निर्यात आधारित एमएसएमई पर पश्चिमी एशिया के तनाव का ज्यादा असर पड़ा है। इसलिए उनके लिए यह ईसीएलजीएस संजीवनी की तरह है और निश्चिततौर पर इसका लाभ मिलेगा।
फोर्टी के मुख्य सचिव गिरधारी खंडेलवाल का कहना है कि संकटकाल में सरकार की ओर से जारी यह बेहतरीन योजना है। खास बात है कि इसके क्रियान्वयन में विभाग और बैंकों के बीच समन्वय नजर आया है। इसका लाभ भी उद्यमियों को मिल रहा है।
राजस्थान चैंबर के अध्यक्ष डॉ. केएल जैन का कहना है कि सरकार की ओर से दूसरी ऋण योजनाओं में बैंकों की ओर से पूरा सहयोग नहीं मिल पाता है, लेकिन ईसीएलजीएस में ऋण की स्वीकृति से स्पष्ट संकेत है कि बैंकों ने इस योजना में बेहतर काम किया है। इससे राजस्थान की एमएसएमई का बड़ी राहत मिली है।
Published on:
02 Jun 2026 01:34 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
