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Paper Leak In Rajasthan: ‘मोस्ट वांटेड’ 15 माफियाओं की लिस्ट जारी, 10-10 हजार का इनाम घोषित, यहां देखें पूरी सूची

राजस्थान में पेपर लीक माफियाओं पर SOG का बड़ा एक्शन। शिक्षक, रीट और पटवारी भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले 15 फरार आरोपियों की सूची जारी, प्रत्येक पर 10,000 रुपए का इनाम घोषित।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 2 Jun 2026, 11:06 AM IST

Rajasthan Paper Leak - AI PIC

Rajasthan Paper Leak - AI PIC

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार कड़े कदम उठा रही हैं। इसी क्रम में राजस्थान पुलिस की विशेष जांच इकाई यानी स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने प्रदेश के 15 पेपर लीक माफियाओं की एक आधिकारिक सूची जारी की है। ये सभी आरोपी वर्ष 2024 के एक बड़े परीक्षा फर्जीवाड़े के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे हैं और अपनी पहचान छुपाकर पुलिस को लगातार चकमा दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन आरोपियों ने शिक्षक भर्ती, रीट (REET) और पटवारी भर्ती जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक करके लाखों-करोड़ों रुपए का काला कारोबार किया, उन शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से प्रति आरोपी सिर्फ 10-10 हजार रुपए के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।

इस इनामी राशि को लेकर अब स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठने लगा है कि लाखों रुपए का वारा-न्यारा करने वाले इन खतरनाक माफियाओं को पकड़वाने के लिए कोई भी व्यक्ति इतनी कम राशि के लिए अपनी जान जोखिम में क्यों डालेगा?

शिक्षक और पटवारी भर्ती परीक्षाओं में की थी धांधली

एसओजी (SOG) की जांच में यह साफ हो चुका है कि इस वांटेड लिस्ट में शामिल सभी 15 आरोपियों ने राजस्थान की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल रीट भर्ती, शिक्षक भर्ती और पटवारी भर्ती परीक्षाओं के दौरान अवैध रूप से प्रश्न पत्र हासिल किए थे और उन्हें आगे मोटी रकम में बेचा था। इन माफियाओं के संगठित नेटवर्क के कारण राज्य के लाखों मेहनती अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया था और सरकार को कई परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ी थीं।

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन सभी फरार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं जैसे धारा 419 (पहचान छुपाकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना) और 120बी (आपराधिक साजिश रचना) के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही इन पर 'राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम' और 'आईटी एक्ट' (IT Act) की बेहद सख्त और गैर-जमानती धाराएं भी लगाई गई हैं।

15 फरार आरोपियों की पूरी लिस्ट, जानिए कौन कहाँ का है रहने वाला

स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप द्वारा जारी की गई इस आधिकारिक सूची में राजस्थान के अलग-अलग जिलों के शातिर अपराधी शामिल हैं, जिनमें सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी और निजी कोचिंग संस्थानों के संचालक भी शामिल हैं। इन सभी 15 वांछित आरोपियों का पूरा विवरण इस प्रकार है:

  • नागेश कुमार (पुत्र रामचंद्र यादव): निवासी- श्रीमाधोपुर, सीकर। यह आरोपी वर्तमान में पंचायत समिति अजीतगढ़, सीकर में सहायक लेखा अधिकारी (Assistant Accounts Officer) के पद पर तैनात है। इसका नाम रीट भर्ती परीक्षा में सामने आया था।
  • संगीता विश्नोई (पत्नी अशोक कुमार विश्नोई): निवासी- सांचौर, जालौर। यह महिला आरोपी भी रीट भर्ती मामले में लंबे समय से फरार है।
  • विकास (पुत्र विद्याधर खेदर): निवासी- तारपुरा, दादिया, सीकर। यह भी रीट भर्ती फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी है।
  • रामोवतार मीणा (पुत्र रामस्वरूप मीणा): निवासी- निवाड़ी, पुलिस थाना कुण्डेरा, सवाई माधोपुर। इसका नाम भी रीट परीक्षा घोटाले से जुड़ा है।
  • दिनेश किलका (पुत्र मन्नाराम किलका): निवासी- डांसरोली, सीकर। यह शाहपुरा स्थित 'एम.ए.डी. फाउंडेशन कोचिंग सेंटर' का संचालक (Coaching Director) है और रीट भर्ती में वांछित है।
  • मनीष दाधीच (पुत्र महावीर प्रसाद शर्मा): निवासी- सागूर खुर्द, नागौर।
  • भवानी शर्मा (पुत्र इन्द्रचन्द शर्मा): निवासी- ओम विहार कॉलोनी, कोटपूतली।
  • देवेन्द्र कुमार सैनी (पुत्र रिछपाल सैनी): निवासी- बालाजी विहार-29, न्यू लोहा मण्डी, माचेड़ा, हरमाड़ा, जयपुर। (रीट भर्ती)
  • कमलेश कुमार (पुत्र पांचाराम खिलेरी): निवासी- ईसरोल, पुलिस थाना चितलवाना, जालौर। यह शिक्षक भर्ती परीक्षा में वांछित है।
  • रेवती (पुत्री रामकिशन विश्नोई): निवासी- बेणीसर, पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर। यह भी शिक्षक भर्ती मामले में आरोपी है।
  • राजमोहन मीणा (पुत्र सुरपत मीणा): निवासी- हिंगोनी, पोस्ट: ओलवाड़ा, सवाई माधोपुर। (शिक्षक भर्ती)
  • रविन्द्र सैनी (पुत्र देवेन्द्र कुमार सैनी): निवासी- बालाजी विहार-29, न्यू लोहा मण्डी, माचेड़ा, हरमाड़ा, जयपुर। (रीट भर्ती)
  • सुभाष मुवाल (पुत्र सूरजमल मुवाल): निवासी- चोमू, जयपुर। यह आरोपी पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली करने का आरोपी है।
  • दिनेश कुमार (पुत्र माधाराम): निवासी- जालौर।
  • श्रवण कुमार (पुत्र भागीरथराम): निवासी- सुथारों का मोहल्ला, सांकड़, जालौर।

सीकर, जालौर और जयपुर के आरोपियों की भरमार

इस सूची का यदि भौगोलिक और प्रशासनिक विश्लेषण किया जाए, तो यह बात साफ हो जाती है कि राजस्थान के सीकर, जालौर, जयपुर और सवाई माधोपुर जैसे जिले इन पेपर लीक माफियाओं के मुख्य केंद्र रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में पहले ही नंबर पर नागेश कुमार का नाम है, जो सीकर की अजीतगढ़ पंचायत समिति में सहायक लेखा अधिकारी जैसे जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठा हुआ था।

सरकारी तंत्र के भीतर मौजूद ऐसे अधिकारियों और दिनेश किलका जैसे कोचिंग संचालकों के गठजोड़ के कारण ही ये माफिया परीक्षा प्रणाली को भेदने में सफल हो जाते थे। कोचिंग सेंटरों के जरिए पहले भोले-भाले या अमीर अभ्यर्थियों को फंसाया जाता था और फिर इन प्रभावशाली सरकारी कर्मचारियों की मदद से पेपर को लीक कर करोड़ों रुपयों का लेन-देन किया जाता था। एसओजी की टीमें अब इन सभी आरोपियों के बैंक खातों और संपत्तियों की भी गुप्त जांच कर रही हैं।