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राजस्थान यूनिवर्सिटी भर्तियों में खेल! शिक्षक नियुक्तियों से लेकर LDC भर्ती तक उठे सवाल

Appointment Irregularities: राजस्थान विश्वविद्यालय में वर्ष 2013 की भर्ती प्रक्रिया में धांधली सामने आने के बाद अब पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने राज्य के विश्वविद्यालयों में पूर्व में हुई शिक्षकों की भर्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।

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Rajasthan University Recruitment Controversy

राजस्थान विश्वविद्यालय की भर्तियों पर विवाद, पत्रिका फोटो

Appointment Irregularities: राजस्थान विश्वविद्यालय में वर्ष 2013 की भर्ती प्रक्रिया में धांधली सामने आने के बाद अब पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने राजस्थान के विश्वविद्यालयों में पूर्व में हुई शिक्षकों की भर्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने राज्यपाल एवं कुलाधिपति को ज्ञापन भेजकर वर्ष 2008 से 2013 के बीच विभिन्न विश्वविद्यालयों में हुई सहायक आचार्य नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं एलडीसी भर्ती में भी धांधली की आशंका है।

ज्ञापन में यह उल्लेख

छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को भेजे ज्ञापन में कहा है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में हुई शिक्षक नियुक्तियों को लेकर हाल में हुई कार्रवाई के बाद अब उस अवधि में हुई समूची भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा आवश्यक हो गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि तत्कालीन कुलपति डॉ. देवस्वरूप को पद से हटाए जाने के बाद उनके कार्यकाल में नियुक्त किए गए सहायक आचार्यों की पात्रता और चयन प्रक्रिया की वैधता की भी जांच होनी चाहिए।

विधायक ने आरोप लगाया कि उस अवधि में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर और जगदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में हुई कुछ नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उनके अनुसार कई मामलों में शैक्षणिक पात्रताओं, उपाधियों और प्रमाण-पत्रों की वैधता को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं।

पादर्शिता और विश्वसनीयता जरूरी

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि संबंधित शिक्षकों में से कई को वर्तमान में प्रशासनिक दायित्व दिए गए हैं तथा उनकी पदोन्नति की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। ऐसे में जांच पूरी होने तक इन मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सिंघवी ने मांग की है कि उच्च शिक्षा संस्थानों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए।

समिति संबंधित अभिलेखों, शैक्षणिक योग्यताओं और चयन प्रक्रिया का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के निर्माण का आधार भी हैं। ऐसे में नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित होनी आवश्यक है।

एलडीसी भर्ती में भी गड़बड़ी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान वि​श्वविद्यालय में वर्ष 2018 में 98 रिक्त पदों पर हुई एलडीसी भर्ती में भी डमी कैंडिडेट बैठाने और अन्य अनु​चित तरीकों के इस्तेमाल को लेकर मामले सामने आए। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करने की बजाय मामलों को दबा दिया। बताया जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर चहेतों को उपकृत करने का खेल भी किया गया।