- 13 करोड़ रुपए की लागत से फीफा नियमानुसार किया जाएगा तैयार- 400 मीटर सिथेंटिक ट्रैक भी होगा तैयार, डिस्कस थ्रो इवेंट एरिया भी बनेगा
जयपुर. राजधानी को जल्द ही विश्वस्तरीय सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ फुटबॉल मैदान मिलने जा रहा है। विद्याधर नगर स्टेडियम में करीब 13 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह मैदान राज्य का पहला सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ फुटबॉल मैदान होगा। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का 400 मीटर सिंथेटिक रनिंग ट्रैक और डिस्कस थ्रो इवेंट एरिया भी विकसित किया जाएगा।
फुटबॉल मैदान को फीफा नियमानुसार तैयार किया जा रहा है। रनिंग ट्रैक पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय बड़ी एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव होगा। नवरात्रा स्थापना के दौरान मैदान के विकास कार्य की शुरूआत की जाएगी। लगभग 6 महीनों में कार्य पूरा होने पर ये सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध होंगी। उल्लेखनीय है सवाईमानसिंह स्टेडियम पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्टेडियम का विकास किया जा रहा है।
विद्याधर नगर स्टेडियम में फिलहाल ये खेल चल रहे
स्टेडियम में मौजूदा समय में बास्केटबॉल, कबड्डी, वेटलिफ्टिंग और टेनिस खेलों की गतिविधियां चल रही हैं। इसके साथ ही फुटबॉल भी खेला जाता है। लेकिन उचित मैदान नहीं होने के कारण फुटबॉलर मिट्टी के मैदान में ही खेलने को मजबूर हैं। सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ मैदान बनने से खिलाड़ियों का काफी हद तक मदद मिलेगी। खेल के दौरान चोटिल या घायल होने के खतरे में भी कमी आएगी।
ये होंगी सुविधाएं
खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम
400 मीटर सिंथेटिक रनिंग ट्रैक
डिस्कस थ्रो एरिया
ट्रैक एंड फील्ड के कई इवेंट्स
लगभग 3000 दर्शकों के लिए दर्शक दीर्घा
सात हेक्टेयर जमीन का विकास
लगभग 35 स्ट्रीट लाइट्स से चमकेगा ग्राउंड तक का रास्ता
ये फायदे होंगे
राजधानी की मेजबानी में होंगी बड़ी प्रतियोगिताएं
सालभर फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव
खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
यह मैदान अधिक मजबूत होगा, जिसके रखरखाव पर भी कम खर्च होगा
एसएमएस स्टेडियम का दबाव होगा कम
इनका कहना है
जेडीए द्वारा सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ फुटबॉल ग्राउंड, 400 मीटर सिंथेटिक रनिंग ट्रैक और दर्शक दीर्घा का निर्माण करवाया जा रहा है। निर्माण संबंधित कार्यालय कार्य अंतिम चरण में हैं। नवरात्रा में इसकी विधिवत शुरुआत की जाएगी। तैयार होने में 6 महीने का समय लगेगा। इसके बाद खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध होगा।
महेश गोयल, एक्सइएन, जेडीए