world's first 4-seater flying car - हवा से बातें करती है यह फ्लाइंग कार
जयपुर। बीते कुछ सालों में देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में बेतहाश वृदि्ध हुई है। सैकड़ों-हजारों किलोमीटर के सफर को कुछ ही घंटों में हम विमान द्वारा तय कर लेते हैं। बस परेशानी आती है तो सिर्फ एक, वो है विमान में बैठने से पूर्व करीब एक से डेढ़ घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना और फिर चैकिंग की तमाम प्रक्रियाएं। लेकिन जहां सोचिए अगर ये सभी परेशानियां खत्म हो जाएं और विमान खुद आपको आपके घर पर लेने आए या किसी बस स्टॉप जैसे स्थान से आप फ्लाइट पकड़ लें तो सफर कितना आसान हो जाएगा। अब ऐसा आसान सफर करना सपना नहीं हकीकत होगी। जी हां, कुछ ही सालों में ऐसी फ्लाइंग टैक्सीज आने वाली हैं जो सड़क पर दौड़ती हुईं आपको लेने आएंगी और फिर उड़न खटोले की तरह लंबी उड़ान भरेंगी। दुनिया की पहली उड़ने वाली टैक्सी यानी एरियल राइड-हेलिंग सेवा का खाका सामने आ चुका है। अगले पांच साल में यह टैक्सी दुनियाभर के देशों में संचालित हो सकती हैं। स्लोवाकियाई फर्म एरोमोबिल ने अपनी उड़ने वाली टैक्सी का हाइब्रिड मॉडल पेश किया है। चार और टू सीटर यह टैक्सी हल्के विमान और लक्जरी कार का संमिश्रण है। इसे कार से विमान में बदलने में मात्र तीन मिनट लगते हैं। कंपनी का दावा है कि यह उड़न टैक्सी एक बार में सौ से पांच सौ मील की दूरी तय कर सकती है। सवारियों का समय बचाने के लिए टैक्सी डोर-टू-डोर पिकअप सुविधा शुरू करने पर भी विचार कर रही है। ऐसे में यात्रियों के समय की काफी बचत होगी। हालांकि इसकी कीमत का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है। यह उड़न टैक्सी 223 मील प्रति घंटे तक उड़ सकती है। वहीं सड़क पर इसकी टॉप स्पीड 99mph है। ऐसे में जयपुर से दिल्ली तक का सफर भविष्य में बेहद आसानी से हो जाएगा।
अरबों का है खर्च
एरोमोबिल के सीईओ पैट्रिक हेसल का कहना है कि हम एयरोमोबिल की फ्लाइंग कार की उड़ान देकर बेहद उत्साहित हैं। यह दुनिया की पहली फ्लाइंग कार टैक्सी होगी। अनुमान है कि एरियल राइड-हेलिंग सेवा को अमरीका में शुरू करने के लिए करीब 53 बिलियन पाउंड की लागत आएगी। इसके लिए दस हजार से अधिक लैंडिंग स्ट्रिप्स बनाई जाएंगी। धीरे-धीरे इसे दुनियाभर में लॉन्च किया जाएगा। अगले पांच साल में इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।