सरसों और धान के खेतों व वीरों की धरती पंजाब से आए सैलानियों की बढ़ती संख्या ने स्वर्णनगरी में रौनक बढ़ा दी है।
सरसों और धान के खेतों व वीरों की धरती पंजाब से आए सैलानियों की बढ़ती संख्या ने स्वर्णनगरी में रौनक बढ़ा दी है। मरुधरा की अनोखी विरासत, स्वर्णिम धरोहर और थार के अनूठे रेगिस्तानी सौंदर्य ने पिछले कुछ वर्षों में पंजाब के पर्यटकों को आकर्षित किया है।
सर्दियों के मौसम में नवंबर से जनवरी माह तक शहर में पंजाबी परिवार, मित्र समूह और हनीमून पर आए जोड़े भी पहुंचते हैं। अनुमान के अनुसार इस सीजन में अब तक 5000 से अधिक पंजाबी सैलानी शहर का दीदार कर चुके हैं। जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग, कलात्मक गड़ीसर, पटवा हवेलियां और सोनलिया रेत के धोरों के लिए प्रसिद्ध सम सेंड ड्यून्स पंजाबी पर्यटकों को खासे आकर्षक लगते हैं। होटलों, ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों और स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पर इसका सकारात्मक असर साफ देखा जा सकता है।
केवल परिवार ही नहीं, पंजाब के विभिन्न जिलों से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी भी शैक्षणिक भ्रमण पर जैसलमेर आते हैं। एक समूह में 70 से 250 विद्यार्थी शामिल होते हैं। शिक्षिका नवतेजसिंह बताती हैं कि ऐतिहासिक धरोहर, वास्तुकला, जल संरक्षण प्रणाली और सीमा क्षेत्र की सामरिक महत्ता विद्यार्थियों के लिए लाइव क्लासरूम का काम करती है। विद्यार्थी फोर्ट म्यूजियम, युद्ध स्मारक और भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की जानकारी लेकर लौटते हैं, जिससे उनका ज्ञान बढ़ता है।
पंजाबी पर्यटक जैसलमेर में साहसिक पर्यटन, डेजर्ट सफारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक व्यंजनों का भरपूर आनंद लेते हैं। शहर के कम से कम 50 रेस्टोरेंट्स में विशेष तौर पर पंजाबी खान-पान की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा रही है। कई होटल और रिसॉर्ट पंजाबी पर्यटकों की सुविधा के लिए खान-पान और मनोरंजन की अतिरिक्त व्यवस्थाएं कर रहे हैं।
जानकारों के अनुसार पंजाब से बढ़ती पर्यटन आवक ने पारंपरिक क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों की कमी को पूरा किया है। लगातार यात्रियों की आमद बाजारों में चहल-पहल बनाए रखती है और रोजगार के अवसर भी बढ़ाती है। सोशल मीडिया प्रचार ने पंजाब और जैसलमेर के पर्यटन कनेक्शन को मजबूत किया है।
पर्यटन व्यवसायी पुष्पेन्द्र व्यास का कहना है कि विगत वर्षों से पंजाब के पर्यटकों की आवक लगातार बढ़ रही है। सडक़ कनेक्टिविटी और रेल सेवाओं के विस्तार ने इसे और आसान बनाया है। पंजाबी पर्यटक खुशमिजाज होते हैं और जैसलमेर की लोक संस्कृति, लोकगीत-संगीत और नृत्य का भरपूर आनंद लेते हैं। इस प्रवाह से शहर की पर्यटन अर्थव्यवस्था में नई गति आई है।