पाकिस्तान के साथ सशस्त्र संघर्ष के चलते सीमावर्ती जैसलमेर में बीती चार रातों से जारी ब्लैकआउट की कालिमा से सोमवार को स्वर्णनगरी कहलाने वाले शहर को मुक्ति मिल गई।
पाकिस्तान के साथ सशस्त्र संघर्ष के चलते सीमावर्ती जैसलमेर में बीती चार रातों से जारी ब्लैकआउट की कालिमा से सोमवार को स्वर्णनगरी कहलाने वाले शहर को मुक्ति मिल गई। प्रशासन की तरफ से हालात सामान्य होने के चलते सोमवार को ब्लैकआउट नहीं किया गया। हालांकि दोनों देशों के बीच गत 10 तारीख को शाम को ही सीजफायर की घोषणा हो गई थी, इसके बावजूद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए 10 व 11 तारीख को ब्लैकआउट घोषित किया। लोगों ने भी इस आदेश की पूरी तरह से पालना करते हुए अपनी दुकानें-प्रतिष्ठान बंद कर घरों की ओर प्रस्थान किया। अन्य नौकरीपेशा आदि लोग परिवारजनों के साथ निर्धारित समय के बाद घरों में रहे। उन्होंने एकदम अंधेरा कर रखा था। सोमवार रात को ब्लैकआउट की पाबंदी हट जाने पर रात के समय शहर की सडक़ों पर रौनक नजर आई। हालांकि स्ट्रीट लाइट गत दिनों की भांति बंद ही रखी गई।
इससे पहले सोमवार दोपहर बाद से ही शहरवासियों ने ब्लैकआउट को लेकर असमंजसता का माहौल रहा। उन्होंने बार-बार खबरों से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुपों का रुख करते हुए जानकारी लेनी चाही, लेकिन उन्हें कहीं से इसका पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने जानकार लोगों से भी ब्लैकआउट के बारे में पूछताछ की। कई दुकानदारों ने बीते दिनों की तरह जल्दी अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।