सरहद से सटा जैसलमेर अब फिटनेस और पारिवारिक मनोरंजन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
सरहद से सटा जैसलमेर अब फिटनेस और पारिवारिक मनोरंजन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। शहर में हाल ही में विकसित हुए पार्क, ओपन जिम और बच्चों के झूलों ने आमजन की दिनचर्या बदल दी है। नगरपरिषद की पहल पर शहर के कई वार्डों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पार्कों का निर्माण और नवीनीकरण किया गया है। केवल शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि कॉलोनी क्षेत्रों में भी अब हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। सुबह-शाम इन पार्कों में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग नजर आते हैं।
पहले बच्चों को खेलने के लिए जगह नहीं थी। अब झूले, स्लाइड और खुला मैदान मिल गया है। वे मोबाइल से हटकर बाहर खेलना पसंद कर रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक शारदा देवी बताती है कि मैं रोज़ पार्क में टहलने जाती हूं। जिम की सुविधा शहर में होने से अब घर की महिलाएं भी फिटनेस के लिए बाहर आने लगी हैं। पहले ऐसा माहौल नहीं था। इसी तरह छात्र विक्रमसिंह का कहना है कि पार्क के बनने से पढ़ाई के बाद मन बहलाने का अच्छा साधन मिल गया है। अब क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलने के लिए जगह है। एक अन्य छात्र हनीफ का कहना है कि पार्कों में सीसीटीवी, लाइटिंग और सफाई का अच्छा प्रबंधन है। यह शहर की नई सोच को दर्शाता है।
शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में पंचायतों और युवाओं के सहयोग से मैदानों का विकास किया जा रहा है। इनमें वॉलीबॉल कोर्ट, कबड्डी मैदान, नेट प्रैक्टिस जैसी सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
जानकारों के अनुसार इन बदलती सुविधाओं ने जैसलमेर को केवल टूरिज्म का शहर नहीं, बल्कि एक एक्टिव लाइफस्टाइल सिटी की ओर अग्रसर कर दिया है। यहां के परिवार अब खुली हवा में, स्वस्थ दिनचर्या के साथ जीवन जीने लगे हैं।