अक्षय तृतीया पर लौद्रवपुर पाश्र्वनाथ जैन श्वेतांबर ट्रस्ट के तत्वावधान में कोठारी पाड़ा स्थित सुपाश्र्वनाथ जिनालय में वार्षिक ध्वजा का आयोजन भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ।
अक्षय तृतीया पर लौद्रवपुर पाश्र्वनाथ जैन श्वेतांबर ट्रस्ट के तत्वावधान में कोठारी पाड़ा स्थित सुपाश्र्वनाथ जिनालय में वार्षिक ध्वजा का आयोजन भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। संकटहरण पाश्र्वनाथ जिनालय में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रात: जैन भवन से सुपाश्र्वनाथ जिनालय तक वरघोड़ा निकला। पंचरंगी ध्वजा लिए श्रावक, सिर पर तीन ध्वजाएं धारण किए श्राविकाएं और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कोठारी पाड़ा पहुंचते ही सकल संघ ने अक्षतों से ध्वजाओं का वधावन किया। इस वर्ष की ध्वजा त्रिलोकचंद, छोटीदेवी एवं विमलादेवी गांधी की स्मृति में लाभार्थी परिवार ने आरोहित की। मंदिर के शिखरों पर सुपाश्र्वनाथ, आदिनाथ, शंखेश्वर पाश्र्वनाथ, संकटहरण पाश्र्वनाथ एवं अधिष्ठायक मणिभद्र देव की ध्वजाएं पुण्याहाम प्रीहंताम के घोष के साथ लहराई गईं।
जसवंत भाई बरौड़ा और राजू भाई डीसा ने स्नात्र पूजा व अठारह अभिषेक विधि सम्पन्न करवाई। सभाध्यक्ष महेंद्र बाफना के अनुसार यह अभिषेक जिनालय की आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है। जुगतीराम के निर्देशन में सत्रहभेदी पूजा पाठ हुआ, जिसमें आकांक्षा, तृप्ति, लक्ष्मी, नीलम सहित श्रद्धालुओं ने जैन स्तवनों का संगान किया।
सिद्धार्थ गांधी ने अभिषेक जल से शांति कलश कर विश्व मंगल की कामना की। गांधी परिवार ने अष्टप्रकारी पूजन कर चैत्यवंदन का लाभ लिया और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावना वितरित की। सूर्य दर्शन का लाभ विजयमल, हितेश दासोत चेन्नई और चंद्र दर्शन का लाभ प्रतापसिंह, सुरेन्द्र गांधी कोलकाता ने लिया। वार्षिक चढ़ावे का लाभ राजकुमार, संतोषदेवी जिंदाणी स्मृति में जिंदाणी, श्रीमाल, राखेचा, बरडिया सहित अनेक श्रद्धालु परिवारों ने प्राप्त किया।
ध्वजा के समापन पर जैन भवन में संघ के सदस्यों के लिए स्वामी वात्सल्य का आयोजन हुआ। आयोजन में ट्रस्ट पदाधिकारी, ट्रस्टी, पाश्र्व-भैरव मंडल, जिनकुशल मनोज्ञ मंडल सहित सकल जैन संघ की गरिमामयी उपस्थिति रही।