जैसलमेर के सदर पुलिस थाना में दर्ज हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को परिवार के लोग और ग्रामीण जिला अस्पताल के मोर्चरी के बाहर बैठे रहे और शव को उठाने से इनकार किया।
जैसलमेर के सदर पुलिस थाना में दर्ज हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को परिवार के लोग और ग्रामीण जिला अस्पताल के मोर्चरी के बाहर बैठे रहे और शव को उठाने से इनकार किया। हालांकि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। बुधवार रात तक शव मोर्चरी में ही था। गौरतलब है कि गत सोमवार को देर शाम उगमसिंह (35) पुत्र हरलाल सिंह, निवासी डेरियों की ढाणी का शव मिला था, जिस पर चोटों के निशान थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई और पुलिस ने भी माना कि उगमसिंह की हत्या की गई है। पुलिस ने शव को उसी रात मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार दिन भर परिवारजनों ने शव नहीं उठाया और सदर थाना में मृतक के भाई ने हत्या का मामला दर्ज करवाया। बुधवार को मोर्चरी के बाहर जमा हुए ग्रामीणों के बीच जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी और पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी सहित जैसलमेर विधायक के निजी सचिव दीपसिंह बडोड़ा गांव, वीरेंद्रसिंह रामगढ़, देरावरसिंह भाटी आदि पहुंचे। भाजपा नेताओं ने मामले का जल्द खुलासा करवाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत की। उपअधीक्षक रूपसिंह इंदा सहित पुलिस के अन्य अधिकारी वहां पहुंचे और बड़ी संख्या में कार्मिक मोर्चरी के बाहर तैनात रहे। ग्रामीणों ने बताया कि उगमसिंह के दो छोटे बच्चे हैं और तीन दिन से उसके परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। गौरतलब है कि उगमसिंह गत रविवार शाम को किसी समारोह में जाने की बात कह कर घर से निकला था। देर रात तक वह वापस नहीं लौटा तो परिवार जनों ने उसे तलाशने का प्रयास किया। जब वह कहीं नहीं मिला तो सोमवार को उसकी गुमशुदगी सदर थाने में दर्ज करवाई गई। उसी दिन उसका शव बरामद किया गया।
मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के आए होने के साथ उसकी बाइक और मोबाइल वहां शव के पास नहीं होने से हत्या का शव गहरा गया। सदर थाना पुलिस ने जैसलमेर में बाबा बावड़ी क्षेत्र से मृतक की बाइक बरामद की थी। ऐसे में पुलिस का मानना है कि उगमसिंह की हत्या करने वाले ने ही वह बाइक वहां लाकर छोड़ी है। सीसी टीवी में एक संदिग्ध भी नजर आया। पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की। उगमसिंह का शव उसके घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित भूरिया बाबा मंदिर के पास मिला था।