जैसलमेर

पोकरण में हादसे को न्योता दे रहे ऐसे भवन,आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर

महज कागजी कार्रवाई... - कार्रवाई तो दूर यहां तो नोटिस देने में भी उदासीनता - पोकरण में हादसे को न्योत रहे जर्जर व मकान भवन
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Jul 04, 2018
Disreputable building Invite to accident in pokaran
Disreputable building Invite to accident in pokaran

जैसलमेर. पोकरण में वर्षों पुराने बंद पड़े मकान, हादसे को न्यौता देते पत्थर, खौफ का माहौल..। कुछ ऐसे ही स्थिति है पोकरण की तंग गलियों की। यहां वर्षों पुराने मकान व हवेलियां अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है तथा उनके गिरने की आशंका बनी हुई है। कस्बे में बंद पड़े जर्जर मकानों व दीवारों के बारिश के मौसम में गिरने व हादसे के खौफ को लेकर मोहल्लेवासी आशंकित है। कई मकान व दिवारे गिरने की कगार पर है, लेकिन नगरपालिका की ओर से मकान मालिकों को जर्जर मकानों की मरम्मत करने या गिराने के लिए कागजों में नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती है। कार्रवाई तो दूर की बात, मकान मालिकों तक नोटिस भी नहीं पहुंच पाता है। कस्बे में 50 वर्षों से अधिक के पुराने मकान जर्जर हालात में पड़े है, जो कभी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते है।

यहां है मौत के निशां
कस्बे के वार्ड संख्या पांच में बिस्सों की गली, वार्ड संख्या 11 में भोमियाजी के मंदिर के सामने, गांधियों की गली, वार्ड संख्या चार में बंद पड़े दो मकान, घोसियों की गली में, मोचियों की गली, भास्कर मोहल्ला, सावणों की गली, सूरज प्रोल, एको की प्रोल, खत्रियों की गली में कई मकान, हवेलियां व दीवारें क्षतिग्रस्त पड़ी है।

कागजों में होता है सर्वे
नगरपालिका की ओर से कस्बे में बंद पड़े जर्जर मकानों, बाड़ों व दीवारों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित कर संबधित मालिको को नोटिस देना याद नहीं आता है। केवल बारिश के मौसम में मोहल्लेवासियों की ओर से अवगत करवाए जाने पर नगरपालिका कागजों में नोटिस देकर इतिश्री कर लेती है। कागजों में टीमें भी गठित भी की जाती है तथा क्षतिग्रस्त हवेलियों व मकानों का सर्वे भी हो जाता है। जिसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाती है ।

पूर्व में हुआ था नुकसान
-करीब 25 वर्ष पूर्व कस्बे में छह से सात दिनों तक मानसून की बारिश का दौर चला था। इस दौरान कई हवेलियां, मकान, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थी।
-वर्ष 2009 में भी आंधी व बारिश के दौरान भास्कर मोहल्ले में एक मकान की दीवार गिरने से तीन राहगीर घायल हो गए थे।
-अब प्रदेश में मानसून सक्रिय है तथा बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में कस्बे में तेज बारिश के दौरान किसी हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

Published on:
04 Jul 2018 11:36 am