
मानसून की दस्तक से पहले जैसलमेर में संभावित जलभराव और बारिशजनित आपदाओं से निपटने के लिए नगरपरिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और जर्जर भवनों की पहचान का अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ विभिन्न विभाग समन्वय बनाकर जोखिम कम करने में जुटे हैं।
नगरपरिषद की ओर से शहर के प्रमुख नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई का अभियान चलाया गया है। जिसमें लम्बे समय से जमा गाद, प्लास्टिक और कचरे को हटाने के लिए जेसीबी और सफाई दल लगाए गए ताकि बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित न हो। साथ ही जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या हर वर्ष सामने आती है, वहां विशेष रूप से निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। इधर, बारिश के दौरान हादसों की आशंका को देखते हुए नगरपरिषद ने शहर के पुराने और जर्जर भवनों का सर्वे भी करवाया है। अलग-अलग वार्डों में टीमों ने ऐसे मकानों को चिन्हित किया है, जिनकी स्थिति खतरनाक है। चार भवन मालिकों को उनके जर्जर मकानों को सुरक्षित ढंग से उतरवाने, आवश्यक मरम्मत कराने अथवा सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। जरूरत पडऩे पर ऐसे भवनों के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर आमजन की आवाजाही सीमित किया जा सकता है। गौरतलब है कि गत दिनों पटवा हवेली मार्ग में एक मकान में अवैध रूप से अंडरग्राउंड की खुदाई करवाए जाने से उससे सटे जैन समाज का प्राचीन उपासरा जमींदोज हो गया था। खुशकिस्मती से इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई थी।
प्रशासन ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार कर वहां विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों, संकरी गलियों और पुराने शहर के उन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां तेज बारिश के दौरान जलभराव या भवन क्षति की आशंका अधिक रहती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
नगरपरिषद अधिकारियों का कहना है कि सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां भी अवरोध मिल रहे हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जा रहा है। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि नालों में कचरा नहीं डालें तथा किसी जर्जर भवन या जलभराव की स्थिति दिखाई देने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें। बारिश से पहले शुरू हुई यह कवायद शहरवासियों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। यदि निर्धारित समय में सभी तैयारियां पूरी हो जाती हैं तो इस बार मानसून के दौरान जलभराव, दुर्घटनाओं और अन्य संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
नगरपरिषद की ओर से पिछले अर्से के दौरान शहर के सभी नालों की साफ-सफाई करवा दी गई है। हाल में रेलवे स्टेशन के सामने वाले नाले को अवरोध हटा कर साफ करवाया गया। खतरनाक अवस्था में पहुंचे मकानों के मालिकों को नोटिस दिए गए हैं।
- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर