
जैसलमेर में स्थित मेडिकल कॉलेज ।
जैसलमेर. सीमावर्ती जैसलमेर की स्वास्थ्य व्यवस्था लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों, सीमित संसाधनों और रेफरल आधारित उपचार प्रणाली पर निर्भर रही है, लेकिन अब यह तस्वीर बदलने की तैयारी है। रामगढ़ मार्ग स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में 345 बेड का आधुनिक जिला अस्पताल लगभग पूरी तरह तैयार है। भवन निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अब केवल चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति और संस्थागत संचालन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इसके बाद जैसलमेर की स्वास्थ्य सेवाएं नए दौर में प्रवेश करेंगी। सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल एकीकृत मॉडल पर काम करेंगे। इससे उपचार, प्रशिक्षण और विशेषज्ञ सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। नए अस्पताल के शुरू होने के बाद जवाहिर चिकित्सालय के साथ समन्वित व्यवस्था विकसित होगी। पहले से नियुक्त कई चिकित्सक नए परिसर में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि हाल ही में भर्ती नर्सिंग एवं अन्य स्टाफ का भी चरणबद्ध डिप्लॉयमेंट किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट भी नियमित चिकित्सा सेवाओं में भागीदारी करेंगे।
अब तक गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर, बीकानेर या जयपुर रेफर करना सामान्य स्थिति रही है। नए अस्पताल के संचालन से—
-345 बेड की आधुनिक उपचार क्षमता उपलब्ध होगी।
-आइसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं का विस्तार होगा।
-उन्नत जांच सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित होंगी।
-मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए बाहरी जिलों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
-मेडिकल विद्यार्थियों की मौजूदगी से उपचार प्रणाली अधिक सक्रिय और अकादमिक रूप से मजबूत होगी।
जैसलमेर राजस्थान का सबसे बड़ा भौगोलिक जिला है। दूरस्थ गांवों से मरीजों को उपचार के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है। गंभीर मरीजों के लिए समय सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में आधुनिक जिला अस्पताल केवल एक नया भवन नहीं, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा पहुंच को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आधार बन सकेगा। पर्यटन नगरी होने के कारण जैसलमेर में हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं। सड़क दुर्घटनाओं, हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और अन्य आपात स्थितियों में आधुनिक अस्पताल की उपलब्धता पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
भवन तैयार है, लेकिन अस्पताल को पूरी क्षमता से शुरू करने के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति आवश्यक है। राजस्थान मेडिकल एज्युकेशन सोसायटी की ओर से उपकरण स्थापित होने के बाद विभिन्न विभागों का संचालन किया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भवन के साथ पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी होगा।
-345 नए जिला अस्पताल की बेड क्षमता
-01 मेडिकल कॉलेज पहले ही शुरू हो चुका
-02 जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज एकीकृत परिसर में
मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हो चुकी है। नए जिला अस्पताल का भवन लगभग तैयार है। उपकरण उपलब्ध होने के बाद अस्पताल शुरू किया जाएगा। इससे जिले के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
— डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल, सीएमएचओ, जैसलमेर
Published on:
27 Jun 2026 08:40 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
