
मोहनगढ़ के अस्पताल में कार्यवाही करती पुलिस
मोहनगढ़ ( जैसलमेर). नहरी क्षेत्र से शुक्रवार को सामने आई एक दर्दनाक घटना ने समूचे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। भींयासार निवासी 22 वर्षीय किसान विसना राम पुत्र शंकर लाल की खेत में काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई। परिवार के भविष्य का सहारा बने युवा किसान की असमय मौत से घर में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार विसना राम नहरी क्षेत्र स्थित नूरे खां के खेत में काश्तकारी का कार्य करता था। शुक्रवार को मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र के 1-3 लाखा माइनर के पास खेत में कार्य के दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही मोहनगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर मोहनगढ़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि विसनाराम परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। बूढ़े माता-पिता, दो भाइयों और तीन बहनों की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। एक बहन का विवाह हो चुका है, जबकि शेष परिवार की आजीविका और भविष्य का आधार वही था। उसकी असमय मौत से परिवार पर गहरा आर्थिक और मानसिक संकट आ गया है। परिजनों ने बताया कि विसनाराम का विवाह हो चुका था और इसी वर्ष उसका मुकलावा होना था। घर में नई खुशियों की तैयारियां शुरू होने वाली थीं, लेकिन एक पल में सारी उम्मीदें बिखर गईं। जिस आंगन में शहनाइयां गूंजने की प्रतीक्षा थी, वहां अब मातम और सिसकियां पसरी हैं।
गांव में शोक की लहरघटना की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का विलाप सुनकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि परिवार का जवान सहारा इतनी जल्दी साथ छोड़ जाएगा, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
लाठी. क्षेत्र के केरालिया गांव के पास बालू खां की ढाणी में शुक्रवार अलसुबह एक छह फीट लंबा कोबरा मुर्गियों के बाड़े में घुस गया। कोबरा को देखकर किसानों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में सांप ने बाड़े में मौजूद पांच मुर्गियों को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद किसानों ने तत्काल वन्यजीव प्रेमी विक्रम दर्जी को सूचना दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कोबरा लगातार फुफकारता रहा, जिससे उसे काबू में करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे प्रयास के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कोबरा को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। विक्रम दर्जी ने बताया कि गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकलकर भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या सांप को नुकसान पहुंचाने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम अथवा संबंधित विभाग को तुरंत सूचना देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लंबे समय से स्नेक रेस्क्यू का कार्य कर रहे हैं और अब तक सैकड़ों सांपों सहित अनेक वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा चुका है।
Updated on:
26 Jun 2026, 9:11 PM IST
Published on:
26 Jun 2026, 9:11 PM IST
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