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Jaisalmer: निर्जला एकादशी पर उमड़ी आस्था, मंदिरों और चौक-चौराहों पर झलका सेवा भाव

निर्जला एकादशी पर गुरुवार को शहरभर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव का माहौल देखने को मिला। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, वहीं गो सेवा, दान-पुण्य और धार्मिक आयोजनों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथजी मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दिनभर पूजा-अर्चना और भक्तिमय गतिविधियां जारी रहीं।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 25 Jun 2026, 9:16 PM IST

jaisalmer news

जैसलमेर. सोनार दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर के बाहर चहल पहल।

जैसलमेर. निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को जैसलमेर शहर में धार्मिक आस्था और सेवा भाव का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, व्रत, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य के कार्यक्रमों के साथ पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना रहा।

प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। विशेष रूप से दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथजी के मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और निर्जला एकादशी का पुण्य लाभ प्राप्त किया। निर्जला एकादशी के अवसर पर गो सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने गो माता को हरा चारा खिलाकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर गोशालाओं में भी सेवा कार्य किए गए। दूसरी तरफ जरूरतमंदों को दान सामग्री वितरित की गई।

राहगीरों को शीतल पेय पिलाया

भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए शहर के मुख्य स्थानों यथा गोपा चौक, गुलासतला, दुर्ग, गांधी चौक सहित बाजारों, चौराहों तथा नुक्कड़ों पर जगह-जगह शीतल पेय पदार्थों की स्टॉल्स लगाई गईं। इन स्टॉलों पर लस्सी, नींबू पानी, गुलाब शरबत, आम का जूस, गन्ने का रस और बादाम शेक का नि:शुल्क वितरण किया गया। सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढकऱ इस सेवा कार्य में भागीदारी निभाई। गड़ीसर क्षेत्र, मुख्य बाजारों और विभिन्न मार्गों पर दिनभर जलसेवा का सिलसिला जारी रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने इन सेवा शिविरों का लाभ उठाया। निर्जला एकादशी पर हुए धार्मिक और सामाजिक आयोजनों ने शहर में श्रद्धा, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया। पूरे दिन मंदिरों और सेवा शिविरों में चहल-पहल बनी रही तथा श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित किया। शहर में सुबह से निर्जला एकादशी की चहल-पहल देखी गई। लोगों ने बहन-बेटियों के घर पहुंच कर उन्हें आम, मिठाई, शक्कर, मटकी व स्टील के बर्तनों सहित अन्य वस्तुएं भेंट की।

मोहनगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को निर्जला एकादशी का पर्व श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की तथा दान-पुण्य के कार्य किए। क्षेत्र के मंदिरों में दिनभर दर्शन और पूजा के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। ग्रामीणों ने गो सेवा करते हुए गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया। जरूरतमंदों को फल, जल से भरे घड़े, जूते-चप्पल और छाते सहित अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की गई। कस्बे के बाजार और विभिन्न स्थानों पर राहगीरों के लिए शरबत और नींबू पानी की व्यवस्था भी की गई। सामाजिक संगठनों ने शीतल पेय वितरित कर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई। मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन हुए और रात्रि में जागरण का आयोजन किया गया। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने अगले दिन पारण कर व्रत पूर्ण किया।