
मोहनगढ़ के अस्पताल में मोर्चरी के बाहर जमा भीड़
मोहनगढ़ (जैसलमेर ). कस्बे में बुधवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। रामपुरा रोड स्थित बालिका विद्यालय के पास एक ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान सागर (28) पुत्र गावरिया राम, निवासी मोहनगढ़ तथा सुरेंद्र (20) पुत्र लालचंद सुथार के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक बाइक पर सवार होकर रामपुरा रोड से गुजर रहे थे। इस दौरान सामने से आ रहे ट्रैक्टर की चपेट में आने से भीषण दुर्घटना हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए।
कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मोहनगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों घायलों को निजी वाहन से मोहनगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है तथा ट्रैक्टर चालक और वाहन संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना के समय ट्रैक्टर की केवल एक लाइट जल रही थी। प्रारंभिक स्तर पर यह संभावना जताई जा रही है कि रात के अंधेरे में वाहन की पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ हो। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले सागर राम अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो अब पिता के स्नेह से वंचित हो गए हैं। परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा था। करीब सात वर्ष पूर्व उनके पिता गावरिया राम की रेल से गिरने के कारण मृत्यु हो गई थी। अब परिवार ने एक और जवान बेटे को खो दिया, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं सुरेंद्र सुथार अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और उनकी एक छोटी बहन भी है। उनके पिता लालचंद सुथार आरसीपी कॉलोनी रोड पर एग्रीकल्चर वर्क्स का व्यवसाय संचालित करते हैं। लगभग दो वर्ष पहले उनके प्रतिष्ठान में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण भारी नुकसान हुआ था और अधिकांश सामान जलकर राख हो गया था। ऐसे में परिवार पहले से आर्थिक और मानसिक चुनौतियों से जूझ रहा था। सुरेंद्र की असमय मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में दो युवकों की मौत की खबर फैलते ही मोहनगढ़ सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल और मृतकों के घरों पर लोगों का तांता लगा रहा। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते नजर आए। मोहनगढ़ क्षेत्र में एक ओर दो मासूम बच्चों ने अपने पिता को खो दिया, तो दूसरी ओर एक परिवार का सबसे बड़ा सहारा हमेशा के लिए छिन गया।
Updated on:
25 Jun 2026 09:09 pm
Published on:
25 Jun 2026 09:05 pm
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