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अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के 12वीं पास युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का बेहतरीन अवसर सामने आया है। केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन संचालित नेशनल करियर सर्विस सेंटर (एनसीएससी), जयपुर द्वारा विशेष कोचिंग एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क कोचिंग के साथ हर माह 1000 रुपए की स्कॉलरशिप दी जाएगी।
योजना के तहत युवाओं को विभिन्न ग्रुप-सी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, एनआईईएलआईटी के माध्यम से ‘ओ’ लेवल सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर हार्डवेयर मेंटेनेंस और कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
इस योजना का लाभ उन अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपए से कम है। प्रशिक्षण के दौरान 80 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति बनाए रखने वाले विद्यार्थियों को प्रति माह 1000 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अध्ययन सामग्री, किताबें और स्टेशनरी भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 से जयपुर में शुरू होगा। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी और आवेदन संबंधी सहायता के लिए नेशनल करियर सर्विस सेंटर, ईएसआई परिसर, झालाना संस्थागत क्षेत्र, जयपुर से संपर्क कर सकते हैं। संपर्क नंबर 0141-2708915 है।
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर एससी-एसटी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और तकनीकी कौशल के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
जैसलमेर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर नशे से पूर्ण मुक्ति का आह्वान किया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्शन प्लान के अनुरूप जैसलमेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमी पुरोहित तथा सचिव ललित पुरोहित के निर्देशन में किशनघाट स्थित सवेरा संस्थान के नशा मुक्ति केंद्र पर विधिक जागरूकता शिविर किया गया। इस अवसर पर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मदनसिंह सोढा ने बताया कि नशा एक गंभीर सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। यह परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास के लिए बड़ी चुनौती है। तनाव, गलत संगति और बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग नशे की ओर आकर्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के नशामुक्त रहने से ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव है। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल खेमेंद्रसिंह भाटी ने बताया कि मादक पदार्थों का सेवन शारीरिक व मानसिक क्षमता को नष्ट करता है। तंबाकू से कैंसर का खतरा बढ़ता है। डॉ. कमल ने कहा कि नशा आर्थिक रूप से परिवार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालता है। नशामुक्त समाज ही स्वस्थ और प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला है।
Updated on:
26 Jun 2026, 8:59 PM IST
Published on:
26 Jun 2026, 8:59 PM IST
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