मरुस्थलीय सरहद पर स्थित ऐतिहासिक शहर जैसलमेर एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर चमकने जा रहा है। भारतीय वायुसेना की ओर से दो साल में एक बार होने वाली सबसे बड़ी एक्सरसाइज वायुशक्ति-2026 के मद्देनजर प्रशासन ने शहर की सूरत बदलने की कवायद तेज कर दी है।
मरुस्थलीय सरहद पर स्थित ऐतिहासिक शहर जैसलमेर एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर चमकने जा रहा है। भारतीय वायुसेना की ओर से दो साल में एक बार होने वाली सबसे बड़ी एक्सरसाइज वायुशक्ति-2026 के मद्देनजर प्रशासन ने शहर की सूरत बदलने की कवायद तेज कर दी है। इस अवसर पर देश-विदेश के उच्च पदस्थ वीवीआइपी, सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथि जैसलमेर पहुंचेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन 27 फरवरी को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में किया जाना है, जहां आसमान में वायुसेना की मारक क्षमता और अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन होगा। इस आयोजन की महत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, नगरपरिषद और अन्य विभाग समन्वय के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं। शहर में प्रवेश मार्गों से लेकर प्रमुख चौराहों तक सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
वायु शक्ति-2026 के दौरान देश के शीर्ष नेतृत्व और रक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। जानकारी के अनुसार एयरफोर्स स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट, हेलीपेड, सडक़ों और आयोजन स्थल के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पुलिस और अद्र्धसैनिक बलों के साथ खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। शहर में जगह-जगह ट्रैफिक रूट का निर्धारण और पार्किंग स्थलों का चयन किया जा रहा है। संभावित वीवीआइपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए रूट चार्ट तैयार किया गया है, ताकि उनके आवागमन के समय किसी तरह की यातायात बाधा सामने नहीं आए।