जैसलमेर

Jaisalmer: फूड पॉइजनिंग परिवार के 4 सदस्य हुए बीमार, जवाहिर चिकित्सालय में किया गया उपचार

जैसलमेर जिले के देवा गांव में गुरुवार दोपहर बैंगन की सब्जी, रोटी और पानी पीने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। फूड पॉइजनिंग की आशंका पर सभी को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जवाहिर चिकित्सालय रेफर किया गया। उपचार के बाद चारों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
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Jul 09, 2026
jaisalmer
जैसलमेर. अस्पताल में मरीज का उपचार करते हुए।

जैसलमेर. जिले के देवा गांव में निवासरत एक परिवार के 4 सदस्यों की गुरुवार को फूड पॉइजनिंग से अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी लोगों को जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर चिकित्सालय लाया गया, जहां उनका उपचार किया गया है। सभी लोगों की हालत अब स्थिर बताई जाती है। जानकारी के अनुसार दोपहर में बैंगन की सब्जी और रोटी खाने के बाद उन्होंने पानी पीया, और सभी लोग एक-एक कर बेहोश होने लगे। उनके परिजन उन्हें देवा के स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद जैसलमेर के राजकीय अस्पताल रेफर किया गया।

जानकारी के अनुसार पाक विस्थापित परिवार के प्रेमाराम (65) के घर गुरुवार को बैंगन की सब्जी बनी थी। दोपहर में परिवार के सभी लोगों ने रोटी और सब्जी खाई। इसके बाद पानी पीते ही घर के सदस्य एक-एक कर बेहोश होकर गिरने लगे। इनमें प्रेमाराम की पत्नी नाजा (60), बेटा मिठूराम (42), उसकी पत्नी धीया (28) और बेटे सागर की पत्नी संगीता (25) शामिल रही। जवाहिर अस्पताल के चिकित्सकीय स्टाफ के अनुसार दूषित भोजन या पानी से उन्हें यह परेशानी हुई है और समय पर इलाज मिलने से सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक टीम देवा भेजी गई है। भोजन और पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच की जाएगी।

राज्य में ओबीसी परिवारों का डिजिटल सर्वेक्षण 10 से

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग 10 से 23 जुलाई तक प्रदेशव्यापी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों का डिजिटल सर्वेक्षण करेगा। सर्वेक्षण उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर समसामयिक अध्ययन के लिए है। ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से 51168 प्रगणक घर-घर जाकर ओबीसी परिवारों की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, जनसांख्यिकीय और स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़े जुटाएंगे। आंकड़ों के आधार पर आयोग राज्य सरकार को वैज्ञानिक अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा। सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन निगरानी होगी। जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) को जिला समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया गया है। आयोग ने जिला कलेक्टरों, स्थानीय निकायों व संबंधित विभागों से सहयोग का अनुरोध किया है। आयोग ने ओबीसी परिवारों से सही जानकारी देने तथा राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों से भी रचनात्मक सहयोग की अपील की है।

Updated on:
09 Jul 2026 08:44 pm
Published on:
09 Jul 2026 08:44 pm