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Jaisalmer: शिक्षक से पूछा- पेपर बाहर क्यों गया, तो कहा कि चुप रहो.. आपको भी बता देंगे…

जैसलमेर में लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा के दौरान नकल कराने के मामले में सीसीटीवी फुटेज ने कई अहम खुलासे किए हैं। आरोप है कि महिला अभ्यर्थी को नकल कराने का विरोध करने वाले अन्य अभ्यर्थियों को भी चुप रहने और बदले में नकल करवाने का प्रलोभन दिया गया। मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच के दायरे में आए पूरे घटनाक्रम पर अब बोर्ड और पुलिस की पड़ताल जारी है।
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जैसलमेर. राजकीय मॉडल स्कूल, जहां सारा मामला घटित हुआ।

जैसलमेर. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से गत 5 जुलाई को लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र में एक महिला अभ्यर्थी को नकल करवाने के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस सारे वाकये की सीसीटीवी फुटेज में सच सामने आ गया है। जिस समय महिला अभ्यर्थी को वहां ड्यूटी पर तैनात रिलीवर (शिक्षक) की तरफ से नकल करवाने का प्रयास किया गया, तब कमरे में बैठे जिन अभ्यर्थियों ने विरोध दर्ज किया, उन्हें भी चुप रहने और बदले में नकल करवाने का प्रलोभन दिया गया। दूसरी तरफ राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने ट्वीट कर ये नकल कराने का मामला था या पेपर लीक ? जिला प्रशासन या बोर्ड ने छुपाया या फौरन जांच शुरू की ? आप ही निर्णय करें। आलोक राज ने कहा कि एफआईआर हो गई है अब ये भी खुलासा होगा कि लाइट गुल हुई या करवाई गई। सभी परीक्षा कक्षों में 28 हजार सीसीटीवी लगे थे, इसलिए एविडेंस भी मिल गया। गौरतलब है कि इस मामले में कलक्टर की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 5 जनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट जैसलमेर कोतवाली में दर्ज करवाई गई है। इनमें से रिलीवर पदमसिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

फाइल में छिपा कर ले गया प्रश्रपत्र

बताया जाता है कि फुटेज में रिलीवर फाइल में छिपा कर अभ्यर्थी का प्रश्रपत्र कमरे से बाहर ले जाते हुए नजर आया है। वहीं 12 मिनट के बाद वह प्रश्रपत्र अभ्यर्थी की टेबल पर रखा दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार मॉडल स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 10 में 24 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे। शाम 4 बजे कुछ अभ्यर्थियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर आपत्ति जताई, लेकिन आरोप है कि केंद्र अधीक्षक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शाम करीब 5 बजे उडऩदस्ता केंद्र पर पहुंचा तो कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की। बताया जाता है कि सीसीटीवी में नजर आया कि एक व्यक्ति जिसकी पहचान पदमसिंह के रूप में हुई है, महिला अभ्यर्थी मनु कंवर की सीट पर जाता है। उसका पेपर देखकर वापस चला जाता है। कुछ देर बाद पदमसिंह हाथ में एक रजिस्टर लेकर दोबारा अभ्यर्थी की सीट पर पहुंचता है। वह उसका पेपर अपने रजिस्टर के भीतर छिपाता है और कमरे से बाहर निकल जाता है। जितनी देर तक प्रश्रपत्र बाहर रहता है, अभ्यर्थी बैठी रहती है। 3.48 बजे के वीडियो फुटेज में पेपर वापस अभ्यर्थी की टेबल पर आ चुका होता है।

अन्य अभ्यर्थियों ने किया खुलासा

एक महिला अभ्यर्थी ने पुलिस को दी एफआईआर में बताया कि जब पदमसिंह प्रश्रपत्र को एक फाइल में डालकर बाहर ले गए। तब उसने दूसरे ड्यूटी वाले शिक्षक से पूछा कि पेपर बाहर क्यों गया, तो उन्होंने कहा कि तुझे भी बता देंगे। 5 मिनट बाद पेपर वापस आया। 2 अन्य अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि छात्रा को नकल कराने के लिए पेपर 7-8 मिनट के लिए बाहर भेजा गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों ने कहा कि यह हमारे हाथ में नहीं है। एक और अभ्यर्थी ने बताया कि कमरा नंबर 10 में भीमसिंह और जालिम सिंह की ड्यूटी थी। उनकी मौजूदगी में पदम सिंह ने छात्रा को नकल करवाकर पेपर वापस दिया। वे हमें ही शोर न मचाने के लिए बोल रहे थे। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने साफ लिखा है कि पदम सिंह की ओर से महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को नकल कराने के लिए प्रश्रपत्र बाहर ले जाया गया। कमरे में हंगामा होने पर भी केन्द्राधीक्षक और दो अन्य ने इस पर पर्दा डालने की कोशिश की। उनकी भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है।