जैसलमेर

बिजली गुल होते ही ठप हो जाते हैं सरकारी कामकाज, इन्वर्टर-जनरेटर तक नहीं

केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से करोड़ों रुपए की राशि खर्च की आमजन के लिए योजनाओं का संचालन किया जाता है, जबकि इन योजनाओं की क्रियान्विति के लिए स्थापित कार्यालयों में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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Sep 02, 2025
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केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से करोड़ों रुपए की राशि खर्च की आमजन के लिए योजनाओं का संचालन किया जाता है, जबकि इन योजनाओं की क्रियान्विति के लिए स्थापित कार्यालयों में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से विद्युत आपूर्ति बंद होने की स्थिति में सरकारी कार्यालयों में काम ठप हो जाता है। इसके लिए न तो इन्वर्टर लगे हुए है, न ही जनरेटर। गौरतलब है कि केन्द्र व राज्य सरकार के कई विभागों के कार्यालय कस्बे में स्थित है। इन कार्यालयों में विद्युत आपूर्ति बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बिजली गुल होते ही कामकाज ठप हो जाता है। इस दौरान स्थानीय के साथ दूर दराज गांवों से आए लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।

करोड़ों की योजनाएं, कार्यालय में अंधेरा

सरकार की ओर से आमजन के लिए सैकड़ों योजनाओं व कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। जिनके लिए अलग-अलग विभाग स्थापित किए गए है। इन विभागों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से सरकार की योजनाओं के लिए करोड़ों रुपए की राशि खर्च की जाती है, जबकि विद्युत आपूर्ति बंद होते ही कार्यालयों में अंधेरा पसर जाता है।

बिजली गुल, काम बंद

सरकार की ओर से अब कागजों की बजाय ऑनलाइन कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। यहां 90 से 95 प्रतिशत कार्य ऑनलाइन व कम्प्यूटर के माध्यम से होने लगे है। ऐसे में बिजली की महत्ती आवश्यकता रहती है। कस्बे के डाकघर में लगा पुराना जनरेटर खराब पड़ा है। मंगलवार को करीब डेढ़ से दो घंटे तक बिजली बंद रही। इस दौरान यहां आए लोगों को बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ा।

यहां भी यही कहानी

कस्बे में आम जनता से जुड़े जलदाय विभाग, डिस्कॉम, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तहसील व उपखंड अधिकारी सहित कई कार्यालयों में बड़े इन्वर्टर या जनरेटर का अभाव है। हालांकि छोटे यूपीएस लगे हुए है, लेकिन वे कुछ मिनटों तक ही चल पाते है। कई बार मौसम खराब होने या अन्य कोई स्थिति में घंटों तक विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर कामकाज बाधित रहता है।

अधिकारियों के लिए व्यवस्था, आमजन के लिए नहीं

कस्बे के सरकारी कार्यालयों में बैठे अधिकारियों के लिए तो छोटे यूपीएस व इन्वर्टर अवश्य लगे हुए है, ताकि विद्युत आपूर्ति बंद होने की स्थिति में उन्हें गर्मी न लगे। जबकि आमजन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण स्थानीय के साथ दूर दराज गांवों व ढाणियों से आने वाले लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दिन भर की परेशानी
दो दिन पूर्व खेत की रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसील कार्यालय गया था, लेकिन चार-पांच तक विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण शाम पांच बजे बाद कार्य हो सका। जिससे दिनभर यहीं रुकना पड़ा और परेशानी हुई।

  • प्रदीपसिंह, निवासी विरमदेवरादो घंटे तक करना पड़ा इंतजार

डाकघर में लेनदेन के लिए आज गया था। विद्युत आपूर्ति बंद होने से करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा और परेशानी हुई।

  • हरिवंश व्यास, निवासी पोकरण
Updated on:
02 Sept 2025 08:44 pm
Published on:
02 Sept 2025 10:18 pm