गुरु पूर्णिमा का पर्व रविवार को जिले भर में आस्थापूर्वक और परम्परानुसार मनाया गया। इस मौके पर शहर से लेकर गांवों तक में अवस्थित प्राचीन मठों में श्रद्धालुजन उमड़े और गुरुजनों का विधिवत पूजन किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु पूर्णिमा का पर्व रविवार को जिले भर में आस्थापूर्वक और परम्परानुसार मनाया गया। इस मौके पर शहर से लेकर गांवों तक में अवस्थित प्राचीन मठों में श्रद्धालुजन उमड़े और गुरुजनों का विधिवत पूजन किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। रविवार सुबह से ही शहर के गजरूपसागर, आसरी मठ, गुलाब सागर और अन्य स्थानों पर भक्तजनों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। उन्होंने वहां गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ प्रतिमाओं का पूजन किया। हरिद्वार स्थित भारतमाता मन्दिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज के शिष्यों द्वारा गुरु पूर्णिमा पर भगवान गणेश, गुरुदेव एवं भगवान राम की तस्वीर का पूजन किया गया। समन्वय परिवार के मंत्री मुरलीधर खत्री के निवास पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समन्वय परिवार अध्यक्ष हरिशंकर व्यास ने बताया कि गुरु पूजन के दौरान भजनों का गायन किया गया। कमला देवी, संगीता, योगिता, रेशमा खत्री ने मधुर स्वर में भजनों की प्रस्तुति दी। ततपश्चात आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर रमनलाल खत्री, मांगीलाल आचार्य, किशोरीलाल मालपानी, विनय व्यास, दीनदयाल माली, हरिवल्लभ ओझा, अचलदास डांगरा, राजेश, बृजेश, दुष्यंत खत्री तमना सोलंकी आदि उपस्तिथ रहे।