
जैसलमेर. निकाय चुनाव में इस बार चुनावी मुकाबला केवल उन मतदाताओं के बीच नहीं होगा, जो मतदान के दिन जैसलमेर में मौजूद रहेंगे। शहर से रोजगार, कारोबार और पढ़ाई के लिए बाहर गए मतदाता भी कई वार्डों में परिणाम की दिशा बदल सकते हैं। खासकर उन वार्डों में, जहां प्रत्याशियों के बीच अंतर कुछ सौ या उससे कम वोटों का रहने की संभावना है, प्रवासी मतदाताओं की सक्रियता निर्णायक साबित हो सकती है।
जैसलमेर में बड़ी संख्या में परिवारों के सदस्य वर्षभर दूसरे शहरों में रोजगार और कारोबार करते हैं। जोधपुर, जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, दिल्ली सहित देश के कई औद्योगिक शहरों में रहने वाले इन मतदाताओं का नाम अब भी स्थानीय मतदाता सूची में दर्ज है। चुनौती यह है कि मतदान के दिन वे शहर में होंगे या नहीं।
प्रत्याशियों के लिए प्रवासी मतदाता एक ऐसा वर्ग हैं, जिन तक पहुंचना पारंपरिक प्रचार से अलग रणनीति मांगता है। चुनाव प्रचार के साथ फोन कॉल, सोशल मीडिया, व्यक्तिगत संपर्क और परिवार के सदस्यों के जरिए संवाद बढ़ सकता है। मतदान से कुछ दिन पहले बाहर रहने वाले मतदाताओं की सूची तैयार कर उनसे संपर्क करना प्रत्याशियों की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। किसी वार्ड में प्रवासी मतदाताओं की संख्या भले कुल मतदाताओं की तुलना में कम हो, लेकिन करीबी मुकाबले में उनका प्रभाव बड़ा हो सकता है। यदि दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच अंतर कम रहता है और प्रवासी मतदाता संगठित होकर मतदान करते हैं, तो उनका रुझान सीधे परिणाम पर दिखाई देगा।
प्रवासी मतदाता मतदान के लिए जैसलमेर लौटेंगे या नहीं, यह केवल राजनीतिक पसंद पर निर्भर नहीं होगा। नौकरी से छुट्टी, कारोबार का दबाव, यात्रा खर्च और मतदान की तारीख के आसपास उपलब्ध समय भी महत्वपूर्ण रहेगा। ऐसे में प्रत्याशियों के लिए मतदाता तक पहुंचने के साथ उसे मतदान केंद्र तक लाने की चुनौती भी सामने रहेगी।पानी, सफाई, सड़क, नालियां, स्ट्रीट लाइट, पार्क, यातायात और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे प्रवासी मतदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। वे भले शहर से दूर रह रहे हों, लेकिन उनके परिवार और संपत्ति का जुड़ाव स्थानीय वार्ड से बना रहता है। परिवार के अनुभव उनके मतदान निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।
-बाहर रहने वाले मतदाताओं से प्रत्याशियों का सीधा संपर्क बढ़ेगा।
-मतदान से पहले फोन और डिजिटल संपर्क अभियान तेज होंगे।
-करीबी वार्डों में कुछ सौ वोट परिणाम बदल सकते हैं।
-परिवार के सदस्य प्रवासी मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करेंगे।
-स्थानीय मुद्दे प्रवासी मतदाताओं के फैसले में अहम रहेंगे।
-मतदान दिवस पर शहर लौटने की क्षमता महत्वपूर्ण बनेगी।