जैसलमेर

जैसाण में लू के थपेड़ों ने रोकी जन-जीवन की रफ्तार

स्वर्णनगरी सहित जिले भर में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। लगातार दूसरे दिन सूरज की तपिश के साथ तेज हवाओं ने लू का अहसास करवाया और उसके चलते जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया।

2 min read
Apr 21, 2026

स्वर्णनगरी सहित जिले भर में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। लगातार दूसरे दिन सूरज की तपिश के साथ तेज हवाओं ने लू का अहसास करवाया और उसके चलते जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 41.4 और न्यूनतम 26.2 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। यह एक दिन पहले सोमवार को क्रमश: 41.1 और 26.0 डिग्री दर्ज हुआ था। दिन की शुरुआत में आसमान में बादल छाए हुए थे और शीतल हवा भी चली, जिससे सूर्योदय से पहले भ्रमण करने वाले लोगों को खासा सुकून मिला। उसके बाद 10 बजे से आसमान के पूरी तरह साफ हो जाने व सूर्य की तीखी किरणों से पूरा वातावरण बदल गया। दोपहर होते-होते गर्मी पूरवान पर पहुंच गई। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। शाम तक कमोबेश यही हालात रहे। पंखों से भी गर्म हवा ही मिली। दोपहर से शाम तक शहर के बाजारों में रौनक नजर नहीं आई। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी कुछ दिनों में पारा 44 डिग्री के उच्च स्तर तक पहुंच सकता है।

भीषण गर्मी व लू ने किया बेहाल

पोकरण. क्षेत्र में चल रहे भीषण गर्मी व लू के दौर के कारण आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। मंगलवार को दोपहर होते-होते आसमान से मानो अंगारों की बारिश शुरू हो गई और लू के थपेड़ों ने आमजन का बेहाल कर दिया। जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया और मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम देखने को मिली। तापमान में हुई बढ़ोतरी के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। दोपहर में तेज हवा चलने लगी। तेज हवा से कुछ राहत मिली, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी के कारण यह हवा लू में तब्दील होती महसूस हुई। गर्मी का दौर देर शाम तक भी जारी रहा। गर्मी के चलते लू व तापघात जैसी बीमारियां भी बढऩे लगी है। दिनभर शीतल खाद्य व पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है।

शिकायतों के बावजूद अब तक नहीं हुई कार्रवाई

मोहनगढ़ क्षेत्र के कालू वाला माइनर में किसानों के लिए निर्मित सामूहिक सिंचाई डिग्गियों में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। राज्य सरकार की योजना के तहत यहां 69 समूह वाली डिग्गियों की स्वीकृति जारी की गई थी, जिनमें से 30 डिग्गियों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। किसानों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डिग्गियों के चारों ओर तारबंदी, जाली, गेट और छोटा खाला बनाने का प्रावधान था, जिसे नहीं बनाया है। सुरक्षा इंतजामों के अभाव में ये डिग्गियां चारों ओर से खुली पड़ी हैं, जिसके चलते आए दिन गाय, बकरी सहित अन्य पशु इनमें गिरकर मौत का शिकार हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण किसानों में भारी रोष है। किसान खुदाबक्स, दीनू खां, मूलाराम, खमीसे खां, हकीम, भीखे खां, भागीरथ बिश्नोई, संतोष कुमार व दिलीपराम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने डिग्गियों का निर्माण तो करवा दिया है, लेकिन सुरक्षा के जरूरी इंतजामों को नजरअंदाज किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि अपनी समस्या के समाधान के लिए वे आखिर किसके पास जाएं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल डिग्गियों के चारों ओर तारबंदी, जाली व गेट लगाने की मांग की है, ताकि पशुओं की जान बचाई जा सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

Published on:
21 Apr 2026 08:30 pm
Also Read
View All