
जैसलमेर जिले में बढ़ती आबादी और आवासीय कॉलोनियों के विस्तार के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिले में किसी भी व्यक्ति को किरायेदार रखने, घरेलू नौकर, मजदूर या फेरीवाले को काम पर रखने से पहले उनका चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बिना संबंधित थाने को सूचना दिए कोई भी मकान मालिक अपना मकान या परिसर किराए पर नहीं दे सकेगा। इसके लिए निर्धारित प्रपत्र में जानकारी देना आवश्यक होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जैसलमेर जिले में तेजी से नई कॉलोनियों का विस्तार हो रहा है। ऐसी स्थिति में आपराधिक और असामाजिक तत्वों के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों द्वारा किरायेदार के रूप में छिपने की आशंका बनी रहती है। इसको देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मकान मालिकों के साथ-साथ किरायेदारों और भवन उपयोगकर्ताओं की भी जिम्मेदारी तय की गई है। सभी को संबंधित थाना प्रभारी को सूचना देकर ही किरायेदारी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इसके अलावा, घरेलू नौकर, मजदूर और फेरीवालों के सत्यापन को भी अनिवार्य किया गया है, जिससे चोरी, लूट, डकैती और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया और बीट स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से करेगा, ताकि आमजन को इसकी जानकारी मिल सके। इसके साथ ही, किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह कदम जिले में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से जैसलमेर शहर कोतवाली थाना क्षेत्र को कुल 30 अलग-अलग बीट क्षेत्रों में विभक्त किया गया है। सभी में बीट कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। जारी की गई सूची में बीट कांस्टेबलों के मोबाइल नम्बर भी शामिल किए गए हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जैसलमेर शहर के दासोती पाड़ा में 3 युवकों ने एक घर में घुस कर महिला को बंधक बना कर लाखों रुपए के जेवरात व नगद राशि लूट ली थी। उन्हें पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ कि उसी घर में पिछले कई वर्षों से काम करने वाली महिला इसके पीछे मुख्य रूप से शामिल थी। उस महिला ने अपने पार्टनर के साथ मिलकर सारी साजिश रची और 3 अन्य लोगों को लूट के लिए बाहर से बुलाया था। उसके बाद से घरेलू नौकरों सहित किरायेदार आदि के पुलिस सत्यापन का मुद्दा प्रमुखता से चर्चा में आया। जिस पर कदम बढ़ाते हुए पुलिस अधीक्षक ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
Published on:
21 Apr 2026 08:34 pm
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