मोहनगढ़ मण्डी में कई माह से बिजली-पानी की समस्या - नहीं चलते इलक्ट्रोनिक कांटे व कम्प्यूटर- अंधेरे में किसान परेशान, अव्यवस्थाओं का आलम
जैसलमेर. मोहनगढ़ की कृषि उपज मण्डी समिति पष्चिमी राजस्थान की राजस्व आय की दृष्टि से सबसे बड़ी मण्डी है। जिला मुख्यालय पर स्थित मण्डी से कई गुना अधिक राजस्व आय मोहनगढ़ मण्डी से मिलती है। उसके बावजूद मोहनगढ़ मण्डी में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
मोहनगढ़ स्थित कृषि उपज मण्डी में लम्बे समय से किसान व व्यापारी पानी व बिजली के लिए परेशान हो रहे हैं। यहां इलेक्ट्रोनिक कांटे व कम्प्यूटर भी नहीं चल रहे। पीने के लिए पानी भी बाहर से मंगवाना पड़ता है। इस संबंध में किसानों ने कई बार जिम्मेदारों को अवगत करवाया, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाया। इन दिनों मोहनगढ़ मण्डी में मूंगफली की बम्पर आवक हो रही है। ऐसे में दिरभर किसानों की भीड़ लगी रहती है। मोहनगढ़ मण्डी को कृषि क्षेत्र में जोड़ा गया है। इस कारण मण्डी को छह घण्टे तो बिजली उपलब्ध होनी चाहिए। इसके विपरीत यहां चार घण्टे भी बिजली आपूर्त नहीं होती।
फसल इलेक्ट्रोनिक कांटे से तोलना जरूरी
मंडी में किसानों की फसलें तोलने के लिए सरकार ने इलेक्ट्रोनिक कांटे अनिवार्य कर दिया है। इसके चलते मण्डी व्यापारियों ने कांटे तो खरीद लिए। लेकिन बिजली नहीं रहने से ये काम नहीं आ रहे। ऐसे में फसल तोलने के लिए चार गुणा ज्यादा समय लगता है। रात को अंधेरे में किसानों के लिए फसल की सुरक्षा करना मुश्किल हो रहा है।
ई-वे बिल को लेकर व्यापारी परेशान
केंद्र सरकार की ओर से इन दिनों व्यापारियों के लिए ई-वे बिल अनिवार्य कर दिया है। इसके चलते व्यापारियों ने वाहनों में जींस की बोरियां भर अन्य राज्य में भेजने या मण्डी में भेजने से पहले ऑनलाइन ई-वे बिल जारी करना अनिवार्य है। इस संबंध में मण्डी व्यापारियों का कहना है कि मण्डी में बिजली की समस्या बनी हुई। इसके चलते कम्प्यूटर व लैपटोप भी नहीं चल रहा है। ऐसे में व्यापारियों को मोहनगढ़ कस्बे से ई-वे बिल बनवाने पड़ रहे हैं।
मण्डी में बिजली की समस्या कई महीनों से है। सरकार ने इलेक्ट्रोनिक कांटे उपयोग करने केे निर्देश दिए हैं। लेकिन बिजली के अभाव में ई-वे बिल नहीं बन रहे तथा कांटे भी काम नहीं कर रहे।
- जस्साराम चौधरी, अध्यक्ष व्यापार मण्डल, मोहनगढ़ मण्डी
यहां जींस बेचने आए हैं, लेकिन यहां बिजली-पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बिजली के अभाव में फसलों की तुलाई नहीं हो रही है। ऐसे में समय बर्बाद हो रहा है।
- राजाराम, किसान, 2 पीएम मोहनगढ़
मण्डी परिसर में उचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। बिजली के अभाव में काफी परेशानी हो रही है। किसानों का माल नहीं तुल रहा, ऐसे में हमारी मजदूरी भी प्रभावित होती है।
- जगदीश, श्रमिक, मोहनगढ़ मण्डी
किसानों को रात्रि में सामान की निगरानी करने में परेशानी होती है। किसान ट्रेक्टरों की लाइट जला फसल तुलवा रहे हैं। वहीं कभी टॉर्च से काम चलाना पड़ता है।
- सरादीन, किसान, 8 जेजेडब्ल्यू मोहनगढ़
सर्दी के मौसम में भी बिजली-पानी की समस्या है। कड़ाके की ठण्ड व अंधेरे में फसलों की निगरानी करनी पड़ रही है। पीने के लिए पानी तक नहीं मिल रहा है। किसानों को पानी के लिए व्यापारियों की दुकानों पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
- सुखाराम, काश्तकार, दो पीएम