पोकरण स्थानीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 10 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में आरोपी मां-बेटे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
पोकरण स्थानीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 10 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में आरोपी मां-बेटे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गत 20 जून 2016 को बाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र के रावत का गांव निवासी पृथ्वीदान पुत्र मासिंगदान ने पोकरण पुलिस को महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर में रिपोर्ट देकर बताया था कि उसकी बहन चंद्रकंवर का विवाह 22 फरवरी 2015 को ऊजला निवासी सुरेन्द्र पुत्र पदमदान के साथ कर हैसियत के अनुसार दहेज दिया गया था। शादी के बाद से ही उसकी बहन के ससुराल वाले दहेज के लिए धमकियां देने व मारपीट करते। उनकी ओर से कई बार समझाइश कर उनकी मांगे पूरी भी की गई। 19 जून 2016 को चंद्रकंवर ने फोन पर बताया कि उसके ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे है और उसे जलाकर मार देंगे। जल्दी उसे यहां से लेकर जाओ। उनके पहुंचने से पहले ही उसकी बहन चंद्रकंवर को पति सुरेन्द्र व सास सीताकंवर ने जलाकर जान से मारने का प्रयास किया। घायलावस्था में उसकी बहिन को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया और यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। थानाधिकारी पोकरण ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। राज्यपक्ष की ओर से गवाह व दस्तावेज प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. महेन्द्र कुमार गोयल ने सुरेन्द्र पुत्र पदमदान व सीता कंवर पत्नी पदमदान को दोषसिद्ध मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई और 3-3 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। राज्य पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदरसिंह राठौड़ ने पैरवी की।