विद्युत आपूर्ति में किसी भी कारण से व्यवधान आने पर तत्परता से समाधान का जिम्मा जिस एफआरटी पर है, उसके जैसलमेर में कार्यरत कार्मिकों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य का बहिष्कार कर दिया है।
विद्युत आपूर्ति में किसी भी कारण से व्यवधान आने पर तत्परता से समाधान का जिम्मा जिस एफआरटी पर है, उसके जैसलमेर में कार्यरत कार्मिकों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य का बहिष्कार कर दिया है। ऐसे में भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहे शहरी उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं से और जूझना पड़ सकता है। एफआरटी के जैसलमेर प्रभारी हरिसिंह के नेतृत्व में सभी 8 कार्मिकों ने गुरुवार से कार्य का बहिष्कार शुरू किया। उनका कहना है कि, जयपुर स्थित ठेकेदार की ओर से कार्मिकों पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है और काम आने वाले वाहन में डीजल का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में परेशान होकर उन्होंने काम करने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में डिस्कॉम की तरफ से ठेकेदार को व्यवस्था सुचारू करवाने के लिए कहा गया है।
जानकारी के अनुसार जैसलमेर में एफआरटी में कायदे से 16 कार्मिक होने चाहिए। उनकी जगह पर 8 कार्मिक ही लगाए गए हैं। हरिसिंह ने बताया कि कार्मिकों को पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। कार्य लेने वाली फर्म को 3 वाहन मुहैया करवाने थे, उनकी जगह पर एकमात्र वाहन एफआरटी को दिया गया है। उसके डीजल का पैसा भी नहीं दिया जा रहा है। हरिसिंह के अनुसार इससे उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में विलम्ब होता है। इसके चलते वे टीम पर गुस्सा करते हैं। एफआरटी टीम के कार्य बहिष्कार से हीटवेव के दौर से गुजर रहे जैसलमेर शहर के विद्युत उपभोक्ताओं की परेशानियां बढऩे की आशंका बढ़ गई है।