जैसलमेर

पेट्रोल-डीजल महंगा, आमजन से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबार तक बढ़ी चिंता

पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले में आमजन से लेकर परिवहन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

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May 15, 2026
photo patrika

पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले में आमजन से लेकर परिवहन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस रेगिस्तानी जिले में लंबी दूरी तय करना दैनिक जीवन का हिस्सा है। ऐसे में ईंधन महंगा होने का सीधा असर लोगों की जेब पर दिखाई देना तय है। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक आने-जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को अब हर माह अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

गौरतलब है कि तेल कंपनियों की ओर से शुक्रवार को जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल अब 109.44 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल की कीमत बढकऱ 94.74 रुपए हो गई है। ईंधन की कीमतों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी से वाहन चालकों के साथ-साथ परिवहन और कृषि क्षेत्र पर भी सीधा असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है।

इतनी हुई बढ़ोतरी

प्रदेश के अंतिम छोर पर आए जैसलमेर में सामान्य पेट्रोल की कीमत 106.19 रुपए प्रति लीटर थी, जो 15 मई को बढकऱ 109.44 रुपए हो गई। इस तरह से पेट्रोल के दाम में 3.25 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल जो एक दिन पहले तक 91.72 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था, उसकी कीमत अब 94.74 रुपए तक पहुंच गई है। डीजल में 3.02 रुपए का इजाफा दर्ज किया गया है। प्रीमियम श्रेणी के पावर पेट्रोल की कीमत भी बढकऱ 119.69 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

पर्यटन कारोबार और मालभाड़े पर भी होगा असर

पर्यटन नगरी जैसलमेर में बड़ी संख्या में टैक्सी, जीप और कैम्प वाहन संचालित होते हैं। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से सफारी, टैक्सी किराए और टूर पैकेज की लागत बढ़ सकती है। दूसरी ओर डीजल महंगा होने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का संचालन खर्च भी बढ़ेगा। इसका असर सब्जियों, किराना और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पडऩे की संभावना जताई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, निर्माण सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई भी महंगी पड़ सकती है। वाहन चालकों भलाराम चौधारी, आईदानसिंह भाटी, कमलसिंह का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला घरेलू बजट को प्रभावित करेगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि आने वाले समय में ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी हुई तो इसका व्यापक असर बाजार की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। सीमावर्ती जिले में अधिकांश गतिविधियां सडक़ परिवहन पर निर्भर होने से पेट्रोल-डीजल के दामों में हर वृद्धि का प्रभाव सीधे जनजीवन पर दिखाई देता है।

Published on:
15 May 2026 08:52 pm
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