लाठी क्षेत्र के धोलिया गांव में एक व्यक्ति के फर्जी फाइल लिंक पर क्लिक करने से व्हाट्सअप अकाउंट हैक हो गया। साथ ही उसके नंबरों से अन्य ग्रुपों में वह फाइल शेयर भी हो गई।
लाठी क्षेत्र के धोलिया गांव में एक व्यक्ति के फर्जी फाइल लिंक पर क्लिक करने से व्हाट्सअप अकाउंट हैक हो गया। साथ ही उसके नंबरों से अन्य ग्रुपों में वह फाइल शेयर भी हो गई। धोलिया निवासी वन्यजीवप्रेमी राधेश्याम विश्नोई के पिता खीयाराम विश्नोई के व्हाट्सअप पर एक मैसेज आया। इसमें आरटीओ चालान लिखा हुआ था और पीछे एपीके लिखा था। इस एपीके फाइल पर उन्होंने भूलवश क्लिक कर दिया। जिससे उनका व्हाट्सअप अकाउंट हैक हो गया। जिसके बाद उनके व्हाट्सअप से जुड़े सभी संपर्कों और ग्रुपों में वह एपीके लिंक व फाइल फॉरवर्ड हो गई। जिसकी खीयाराम को जानकारी ही नहीं हो पाई। रिश्तेदारों व परिचितों ने फोन कर उन्हें इस बारे में बताया। जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के विशेषज्ञों से सहयोग लेकर व्हाट्सअप को मोबाइल से हटाया और पुन: इंस्टॉल किया। जिसके बाद मैसेज फॉरवर्ड का सिलसिला बंद हुआ। समय पर सावधानी बरतने से कोई वित्तीय नुकसान व अन्य जानकारियां साझा नहीं हो पाई।
सोशल मीडिया के जानकार शेखर माली ने बताया कि गत कुछ महिनों से ठग इस प्रकार के लिंक और एपीके फाइल शेयर करते है। यदि कोई व्यक्ति भूलवश भी इस एपीके फाइल पर क्लिक कर देता है तो उसके मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। जिससे बैंकिंग के साथ ही अन्य जानकारियां ठग के पास पहुंच जाती है और मोबाइल व व्हाट्सअप हैक हो जाता है। हैकर्स का यह नया तरीका है। समय पर व्यक्ति सावचेत हो जाता है तो ठगी से बच जाता है। यदि उसे हैक की जानकारी नहीं हो पाती है तो हैकर्स मोबाइल की पूरी जानकारियां लेने के साथ वित्तीय ठगी को भी अंजाम दे देते है।
पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय सीमा सुरक्षा बल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों व स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित संभागियों को नशामुक्ति का संकल्प भी दिलाया गया। राजकीय जिला चिकित्सालय के मनोरोग एवं नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ.जितेन्द्र नारानिया ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता जैसी समस्याओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और सही उपचार से इन समस्याओं से आसानी से निपटा जा सकता है।
उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डालते हुए युवाओं को इससे दूर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में डॉ.कामिनी गुप्ता ने भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की और विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य विष्णुदत्त टेलर ने चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और जागरूक बनने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।