
जैसलमेर. मरुस्थलीय जैसलमेर को अधिक हरित और पर्यावरण समृद्ध बनाने के उद्देश्य से हरियालो राजस्थान अभियान-2026 के तहत वन विभाग ने व्यापक स्तर पर पौध वितरण और पौधारोपण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। अभियान के अंतर्गत जिले की राजकीय नर्सरियों से 17.62 लाख गुणवत्तायुक्त पौधे राजकीय विभागों, ग्राम पंचायतों, किसानों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन को उपलब्ध कराए जाएंगे। विभिन्न विभागों को पौधारोपण के लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं, जिनकी पूर्ति के लिए आवश्यक पौधे नर्सरियों से उपलब्ध होंगे।
उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे को वृक्ष के रूप में विकसित करना है। जिले की नर्सरियों में मरुस्थलीय जलवायु के अनुकूल छायादार, फलदार और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पर्याप्त पौधे उपलब्ध हैं। आमजन अपनी आवश्यकता के अनुसार निकटतम वन विभाग की नर्सरी से पौधे प्राप्त कर सकते हैं। नर्सरियों में दो फीट से लेकर दस फीट तक ऊंचाई वाले पौधे उपलब्ध हैं। इनमें कनेर, पीपल, बरगद, बोगनवेलिया, गुलमोहर, शीशम, सरेस, नीम और करंज के साथ मरुस्थलीय क्षेत्र की स्थानीय प्रजातियां खेजड़ी, कुमठा, बेर, रोहिड़ा और जाल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जैसलमेर में मानसून सीमित अवधि का होता है। ऐसे में जुलाई से सितंबर के बीच, विशेषकर प्रथम वर्षा के तुरंत बाद पौधरोपण करना सबसे उपयुक्त रहता है। इस अवधि में लगाए गए पौधों की बढ़वार बेहतर होती है और उनके जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है। सितंबर के अंतिम चरण में पौधारोपण करने पर अपेक्षित वृद्धि नहीं मिल पाती।
अभियान के तहत ग्रामीण सेवा शिविरों में भी पौध वितरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके नियमित संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की गई है।
अभियान के अंतर्गत जैसलमेर जिले में विभिन्न राजकीय विभागों को 46.95 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य सौंपा गया है। इनमें वन विभाग को 32.53 लाख, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को 4.12 लाख, यूआईटी को 1 लाख, शिक्षा विभाग को 4.52 लाख, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 1.50 लाख तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना को 0.76 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। वन विभाग नर्सरियों से सभी संबंधित विभागों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही पौधारोपण के बाद संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष जोर रहेगा, ताकि पौधों का जीवितता प्रतिशत बढ़ाया जा सके और जैसलमेर में हरित आवरण का विस्तार सुनिश्चित हो।