ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन की ओर से अपनी मांगों को लेकर की गई प्रदेशव्यापी हड़ताल का जैसलमेर में मंगलवार को व्यापक असर देखने को मिला। निजी बसों के पहिए थमने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही बाड़मेर मार्ग स्थित निजी बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए साधन तलाशते नजर आए।
ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन की ओर से अपनी मांगों को लेकर की गई प्रदेशव्यापी हड़ताल का जैसलमेर में मंगलवार को व्यापक असर देखने को मिला। निजी बसों के पहिए थमने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही बाड़मेर मार्ग स्थित निजी बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए साधन तलाशते नजर आए। हड़ताल के कारण निजी बसें पूरी तरह बंद रहीं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले लोगों को खासी दिक्कतें हुई।
कई यात्रियों को निजी वाहनों, टैक्सी और जीप का सहारा लेना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त किराया भी चुकाना पड़ा। निजी बस ऑपरेटर अशोक तंवर ने बताया कि जैसलमेर से संचालित सभी निजी बसें मंगलवार को नहीं चली। ग्रामीण रूट की बसों के ऑपरेटर्स ने भी हड़ताल में भागीदारी निभाई है। गौरतलब है कि बस ऑपरेटर्स यूनियन की ओर से आरसी सस्पेंड न करने, गलत चालान नहीं बनाए जाने, पुरानी गाडिय़ों पर धारा 153 (ओवरलोडिंग या सेफ्टी नियमों का उल्लंघन) नहीं लगाने, सवारियों से भरी बसों को रास्ते में खाली नहीं करवाने व बसों और टैक्सियों में पुन: लगेज कैरियर लगाने की अनुमति दिलाए जाने की मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की गई है।
निजी बसों के बंद रहने का सीधा दबाव राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों पर पड़ा। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई रूटों पर यात्रियों को खड़े-खड़े सफर करना पड़ा। कुछ यात्रियों को सीट नहीं मिलने के कारण अगली बस का इंतजार करना पड़ा। जैसलमेर से बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर, अहमदाबाद की ओर जाने वाले मार्गों पर हड़ताल का सर्वाधिक असर रहा। निजी बसों पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को दिनभर असुविधा झेलनी पड़ी। यात्रियों ने मांग की कि ऐसे अवसरों पर वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को नाहक परेशानी न उठानी पड़े।