
जैसलमेर. जिले के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा केंद्र जवाहिर चिकित्सालय की ओपीडी में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की आवाजाही बनी हुई है। सुबह ओपीडी शुरू होते ही मरीजों और परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। पर्ची बनवाने, चिकित्सक से परामर्श लेने, जांच करवाने और दवा प्राप्त करने तक मरीजों को अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाएं और उपलब्ध सुविधाएं मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजस्थान पत्रिका ने ओपीडी, पर्ची काउंटर और दवा वितरण केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया।
ओपीडी में मौसमी बीमारियों के उपचार के साथ पुरानी बीमारियों की जांच और नियमित परामर्श के लिए भी मरीज पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए एक ही दिन में चिकित्सक को दिखाना, जांच करवाना और दवा लेना विशेष महत्व रखता है। मोकला क्षेत्र निवासी प्रतापाराम ने बताया कि वह सर्दी-जुकाम का उपचार करवाने अस्पताल पहुंचा है।
जब पत्रिका टीम मौके पर पहुंची तो जिला अस्पताल के दवा वितरण केंद्रों पर मरीजों की भीड़ नजर आई। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था है। अस्पताल में बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य मरीजों के बैठने की सुविधा भी उपलब्ध है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के कक्षों में भी परामर्श के लिए मरीज पहुंच रहे हैं।
जवाहिर चिकित्सालय जैसलमेर शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को समय पर परामर्श और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
- हजरत खां, मरीज
चिकित्सकों की उपलब्धता, जांच सेवाओं की नियमितता और दवाओं की उपलब्धता पर निगरानी जरूरी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को अनावश्यक रूप से एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए व्यवस्थाओं का नियमित आकलन किया जाना चाहिए।
- सुशील कुमार शर्मा, मरीज
इन दिनों ओपीडी में आने वाले ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारियों से ग्रस्त हैं। उन्हें जुकाम और बुखार की ज्यादा तकलीफ है। मलेरिया के कैसेज भी आ रहे हैं, हालांकि उनकी संख्या कम है। पेट दर्द जैसी तकलीफ के मरीज काफी कम हैं।
- डॉ. अशोक लखारा, चिकित्सक