
हिंगलाज मंदिर जीवणीयाई पंडाल में डांडिया खेलते हुए
जैसलमेर. शारदीय नवरात्र के आगाज के साथ स्वर्णनगरी में भक्ति, संगीत और लोकसंस्कृति के रंग बिखरने लगे हैं। देवी आराधना के बीच डांडियों की खनक गूंजी तो माहौल उत्सवमय हो उठा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालु संगीत की लय पर कदम मिलाते नजर आए। कहीं गरबा की गोलाकार थिरकन थी, तो कहीं डांडियों की ताल पर झूमते चेहरों की खुशी। पंडाल में धार्मिक आस्था और सामूहिक उल्लास का अनूठा संगम दिखाई दिया।
पारंपरिक गरबा गीतों की मधुर धुनों ने आयोजन में गुजराती लोकसंस्कृति की छटा बिखेरी। ‘ढोलीड़ा’, ‘नगाड़ा संग ढोल’, ‘चोगाड़ा’ और ‘कमरिया’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर प्रतिभागियों ने उत्साह से कदम थिरकाए। पारंपरिक लोकधुनों के साथ फिल्मी डांडिया गीतों ने भी समां बांधा। संगीत की लय बदलते ही नृत्य की गति तेज होती और डांडियों की टकराहट वातावरण में उत्साह घोल देती। युवाओं के साथ अन्य आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को जीवंत बना दिया।
नवरात्र का यह उल्लास केवल नृत्य और संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देवी भक्ति के साथ सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी बना। सामूहिक गरबा ने लोगों को एक सूत्र में पिरोया। डांडियों की हर खनक और गीतों की हर धुन के साथ स्वर्णनगरी में शारदीय नवरात्र का उत्सवी रंग गहराता नजर आया।
पोकरण. शारदीय नवरात्र के दौरान कस्बे में गरबा नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र के मौके पर कस्बे के अलग-अलग मोहल्लों में गरबा नृत्य व संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी के अंतर्गत रविवार की रात गरबा नृत्य शुरू किया गया। कस्बे के चांदप्रोल मोहल्ले सहित कई जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद गरबा नृत्य कार्यक्रम शुरू किया गया। चांदप्रोल मोहल्ला विकास कमेटी के तत्वावधान में रविवार की रात पुजारी हरिवंश दवे के सानिध्य में पूजा-अर्चना की गई। गुजराती गीत व संगीत पर किए जाने वाले गरबा नृत्य में शाम होते ही हाथों में डांडिया लिए बड़ी संख्या में बाल कलाकार व महिलाएं सज-धजकर गरबास्थल पर पहुंच रही है। देर रात तक नृत्य व डांडिया की खनक सुनाई दे रही है।
Updated on:
12 Oct 2026 08:49 pm
Published on:
12 Oct 2026 08:47 pm
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